





जोधपुर Abhayindia.com राजस्थान उच्च न्यायालय की एकल पीठ के न्यायाधीश कुलदीप माथुर ने सहायक वन पाल के पद पर कार्यरत नेपाल सिंह के कार्यव्यवस्थार्थ किये गये स्थानांतरण आदेश दिनांक 28.09.2026 पर अंतरिम रोक लगा दी है।
प्रकरण के अनुसार, नेपाल सिंह वर्तमान में रेंज शिव उपवन संरक्षक बाड़मेर के अधीन सहायक वन पाल के पद पर कार्यरत है। विभाग के आदेश दिनांक 29/5/2026 के द्वारा उसका कार्यव्यवस्थार्थ स्थानांतरण रेंज सिवाना से कार्यालय उप वन संरक्षक बालोतरा किया गया। विभाग के आदेश दिनांक 29/5/2026 के तहत उसने रेंज बालोतरा में दिनांक 9/6/2026 को कार्यग्रहण कर लिया। इसके पश्चात् दिनांक 10/7/2026 से उसका स्थानांतरण उप वन संरक्षक बालोतरा से रेंज शिव, उप वन संरक्षक बाड़मेर कर दिया गया। जहां पर भी उसने दिनांक 23/7/2026 को कार्य ग्रहण कर लिया, जहां वर्तमान में वह निरंतर अपनी सेवायें दे रहा है।
उप वन संरक्षक बाड़मेर द्वारा दिनांक 28/9/2026 को एक आदेश इस आशय का पारित किया कि नेपाल सिंह द्वारा न तो वर्ष 2024-2025 व वर्ष 2025-2026 की वार्षिक कार्य मूल्यांकन रिपोर्ट ऑन लाईन प्रस्तुत की है साथ ही विभाग द्वारा उसका स्थानांतरण कार्य व्यवस्थार्थ के रूप में दिनांक 29/5/2026 को रेंज सिवाना से बालोतरा किया गया व दिनांक 10/7/2026 को भी बालोतरा से रेंज शिव जिला बाड़मेर में स्थानांतरण किया गया वहां दोनों जगह उसने कार्य ग्रहण भी नहीं किया है अतः विभाग के आदेशों की अवहेलना के कारण तुरंत उसका कार्यव्यवस्थार्थ स्थानांतरण रेंज शिव जिला बाड़मेर से स्मृति हिल्ली बाड़मेर में लगाये जाने का आदेश पारित किया जाता है।
इसी आदेश में उप वन संरक्षक बाड़मेर ने यह भी अंकित किया कि उसके द्वारा यदि स्मृति हिल्ली में कार्य भार ग्रहण नहीं किया जाता व किसी भी प्रकार का अवकाश हेतु आवेदन किया जाता है तो इसे अनुशासनहीनता मानते हुए जितने दिन का अवकाश लिया जाता है उतने दिन का सर्विस ब्रेक माना जायेगा। उप वन संरक्षक बाड़मेर के आदेश दिनांक 28/9/2026 से व्यथित होकर याचिका कर्ता ने एक रिट याचिका अपने अधिवक्ता प्रेमेन्द्र बोहरा के माध्यम से उच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की। प्रार्थी के अधिवक्ता का न्यायालय के समक्ष यह तर्क था कि प्रथमतया याचिका कर्ता द्वारा विगत दो वर्षाे का कार्य मूल्यांकन आन लाईन प्रस्तुत किया है साथ ही विभाग द्वारा समय-समय पर जो भी स्थानांतरण आदेश जारी हुए है उनके तहत अपना कार्य ग्रहण किया है।
साथ ही दिनांक 29/5/2026 व 10/7/2026 को जो स्थानांतरण हुए वहां भी कार्य ग्रहण किया है। इसके साथ प्रार्थी के अधिवक्ता का न्यायालय के समक्ष यह भी तर्क था कि यह कार्यव्यवस्थार्थ आदेश से यह स्पष्ट होता है कि यह आदेश दण्डात्मक प्रकृति है ओर ऐसा दण्डात्मक आदेश पारित करने से पूर्व उसे सुनवाई का कोई मौका प्रदान नहीं किया गया। प्रार्थी के अधिवक्ता के तर्कों से सहमत होते हुए उच्च न्यायालय की एकल पीठ के न्यायाधीश ने उपवन संरक्षक बाड़मेर द्वारा पारित आदेश दिनांक 28/9/2026 जिसके द्वारा अपील याचिका कर्ता का कार्य व्यवस्थार्थ स्थानांतरण रेंज शिव से स्मृति हिल्ली बाड़मेर किया गया उस पर अंतरिम रोक लगाते हुए उसे रेंज शिव उप वन संरक्षक बाड़मेर में ही कार्यरत रखने का आदेश पारित किया व साथ ही विभाग को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया।







