रेल में सफर कर रहे हैं, तो पढ़े यह खबर, देखें वीडियो…

बीकानेरAbhayindia.com त्यौहार की सीजन में रेलवे कई स्पेशल ट्रेनें शुरू कर रहा है। इस स्थिति में बड़ी संख्या में लोगों में रेल का सफर करने को लेकर उत्साह है। लेकिन कोरोना संक्रमण को देखते हुए रेलवे सुरक्षा बल ने यात्रियों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए है। ताकि यात्री सुरक्षित सफर कर सके।

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Preview YouTube video रेल यात्रियों के लिए आरपीएफ कमांडेंट का बड़ा बयान…

नहीं तो हो सकती है कार्रवाई…

रेल में सफर करते समय यात्रियों को किस तरह के नियमों की पालना करनी है। उत्तर पश्चिमी रेलवे बीकानेर मंडल के मंडल रेल सुरक्षा आयुक्त केडी पटेल के अनुसार स्टेशन पर प्रवेश करने वाले प्रत्येक यात्री को मास्क पहनना जरूरी होगा। अन्यथा उन्हें प्रवेश नहीं मिलेगा।

‘अभय इंडिया’  के साथ बातचीत में पटेल ने आरपीएफ की नई गाइड लाइन पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि रेल यात्रियों को मास्क नहीं पहनने, कोविड-19 से जुड़े प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने और जांच में संक्रमित होने की पुष्टि होने के बाद भी सफर करने वालों के खिलाफ रेल अधिनियम की अलग-अलग धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है।

साथ ही जुर्माना भी वसूला जाएगा। यही नहीं इसमें सजा का प्रावधान भी है। आरपीएफ ने खासतौर पर त्यौहार की सीजन के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

इन बातों से बचे यात्री...

रेल परिसर, स्टेशन, प्रतीक्षालय एवं ट्रेन में कुछ गतिविधियां करने से बचने के लिए यात्रियों को कहा गया है। इसमें मुख्य रूप से तो मास्क नहीं पहनना या सही तरीके से नहीं पहनना, सामाजिक दूरी के नियम की पालना नहीं करने, कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि होने के बाद, जांच की रिपोर्ट आने से पहले स्टेशन पर आने या ट्रेन में सफर करने, स्टेशन पर स्वास्थ्य टीम की ओर से यात्रा की अनुमति नहीं देने के बाद भी ट्रेन में सफर के लिए चढऩा आदि शामिल है।

भारी पड़ सकता है थूकना…

रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में थूकना भी गैरकानूनी है। साथ ही जन स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को प्रभावित करने वाली गतिविधियां करने वालों, कोराना वायरस संक्रमण के प्रसार की रोकथाम के लिए रेलवे प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करने की अनुमति किसी भी यात्री को नहीं होगी। ऐसा करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

इस तरह की किसी भी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले लोगों को रेल अधिनियम की धारा 145,153 और 154 के तहत सजा दी जा सकती है।

मास्क ही रक्षक…

बीकानेरAbhayindia.com  कोरोना महामारी के इस दौर में फिलहाल मास्क ही उपाय है। साहित्यकार व कवियत्री डॉ.कृष्णा आचार्य ने महिलाओं को जागरुक करते हुए कहा है कि मास्क ही इस समय में सबसे अहम रक्षक है।

अभय इंडिया से बातचीत में उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे इस समय की परिस्थितियों के समझें, जहां भी जाए। सामाजिक दूरी की पालना करनी है। मास्क ही सबसे अहम कवच है। इसको लगाना अनिवार्य है।

 

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Preview YouTube video कोरोना से बचाव का सुरक्षित कवच है मास्क : डॉ. कृष्णा आचार्य