बीकानेर : जनसुनवाई एवं सतर्कता समिति के प्रकरणों को अधिकारी ले गंभीरता से – जिला कलक्टर मेहता

जिला कलक्टर नमित महेता

बीकानेर abhayindia.com राजीव गांधी सेवा केन्द्र में गुरुवार को जिला कलक्टर नमित महेता की अध्यक्षता में जिला जन अभियोग एवं सतर्कता समिति की बैठक और जनसुनवाई सम्पन्न हुई। जिसमें समिति में दर्ज 18 प्रकरणों की समीक्षा के बाद 6 प्रकरण का निस्तारण किया गया।

जिला स्तरीय सतर्कता समिति की बैठक में जिला परिषद से सम्बन्धित दर्ज एक प्रकरण की समीक्षा के दौरान जिला कलक्टर ने जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओम प्रकाश पंचम से कहा कि ग्राम पंचायत तेजरासर में गंदे पानी की निकासी का स्थाई समाधान किया जाए। वहीं उपखण्ड अधिकारी व तहसीलदार बीकानेर को उन्होंने ग्राम डांडूसर की जमाबंदी एवं खसरा गिरदावरी में अन्तर अथवा भिन्नता की शीघ्र गिरदावरी तहरीर की पूर्ण पालना की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने बीकानेर शहर में अवैध रूप से संचालित विवाह स्थलों के दायर वाद में निगम आयुक्त को निर्देश दिए कि जो विवाह स्थल बिना अनुमति के संचालित है, उनको सीज करने की कार्यवाही करते हुए इसकी रिपोर्ट आगामी 7 दिनों में प्रस्तुत की जाए।

पंचायत समिति खाजूवाला में सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत 2007-8 से 2014-15 तक कुल 35 कार्य जिन पर राशी रुपए 116.49 लाख का कार्यकारी एजेंसियों द्वारा अग्रिम प्राप्त राशि का समायोजन नहीं किए जाने मामले में उन्होंने मुख्य कार्यकारी जिला परिषद को पूर्ण रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। एक अन्य प्रकरण में उन्होंने यूआईटी के नक्शे के हिसाब से हनुमान हत्या व धोबी दौरा वार्ड नंबर 52 में सड़क तथा रास्ते पर हुए अतिक्रमणों पर आगामी 10 दिनों में प्रस्तुत करने के निगम आयुक्त को निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि अगर सड़क पर अतिक्रमण हैं तो उसे हटाने की कार्यवाही की जाए। उन्होंने ग्राम पंचायत सोमलसर का पूर्व का रिकार्ड ग्राम विकास अधिकारी द्वारा उपलब्ध नहीं करवाए जाने के मामले में कहा कि ग्राम विकास अधिकारी द्वारा आदेशों की पालना नहीं की जाती है तो उसे तुरन्त प्रभाव से निलंबित किया जाए। मुख्य कार्यकारी अधिकारी और विकास अधिकारी नोखा यह सुनिश्चित करेंगे।

जनसुनवाई एवं सतर्कता समिति में दर्ज प्रकरणों को ले गंभरता से-जिला कलक्टर ने कहा कि सतर्कता समिति में दर्ज प्रकरणों को सभी अधिकारी गंभीरता से लें। दर्ज प्रकरणों पर समिति की बैठक में तथ्यात्मक रिपोर्ट के साथ उपस्थित हो। प्रकरणों के निस्तारण में अगर देरी होती है तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी। साथ ही सभी उपखण्ड अधिकारी, तहसीलार व विकास अधिकारी प्रतिदिन जनसुवाई करेंगे। उन्होंने कहा कि अब यह बैठक प्रतिमाह आयोजित होगी। जनसुनवाई में प्राप्त प्रकरणों में भी अधिकारी गंभीरता बरतें। जनसुनवाई की मॉनिटरिंग राज्य स्तर पर की जा रही है,इसलिए अधिकारी प्रकरणों के निस्तारण में लापरवाही नहीं बरते।

इस अवसर पर जिला पुलिस अधीक्षक प्रीतिचन्द्रा, अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) बलदेव राम धोजक, एडीएम सिटी अरूण प्रकाश शर्मा, जिला रसद अधिकारी यशवंत भाकर, मुख्यकार्यकारी अधिकारी जिला परिषद ओम प्रकाश पंचम, आयुक्त नगर निगम पंकज शर्मा, सचिव नगर विकास न्यास नरेन्द्र पाल सिंह राजपुरोहित, आरटीओ जुगल किशोर माथुर, अधीक्षण अभियन्ता जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग दीपक बंसल सहित जिला अधिकारी उपस्थित थे।

दो भाइयों की कहानी पीयूष शंगारी की जुबानी...

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