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विश्व प्राथमिक उपचार दिवस पर बीकानेर के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. श्याम अग्रवाल का विशेष संदेश…

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नमस्कार, जैसा कि आप इस पोस्टर में देख रहे हैं- “We can’t avoid accidents but we can be prepared for them.” आज विश्व प्राथमिक उपचार दिवस (World First Aid Day) है। हर साल सितंबर के दूसरे शनिवार को यह दिन मनाया जाता है, और इस साल यह आज, 12 सितंबर को है। इसका एक ही उद्देश्य है – हमें याद दिलाना कि मुसीबत बताकर नहीं आती, लेकिन तैयारी हमें बचा सकती है।

एक बाल रोग विशेषज्ञ के तौर पर मैं रोज़ देखता हूँ कि बच्चों के साथ छोटी-छोटी दुर्घटनाएं कितनी आम हैं – खेलते हुए गिर जाना, मामूली कट लगना, नाक से खून आना, बुखार में ऐंठन, किसी चीज़ से साँस अटकना या जल जाना। ऐसे समय पर घबराहट स्वाभाविक है, लेकिन सही समय पर दिया गया प्राथमिक उपचार बच्चे को बड़े खतरे से बचा सकता है। इस अवसर पर मैं सभी अभिभावकों से एक निवेदन करना चाहता हूँ – आइए, हम सब यह प्रण लें कि हम हर ‘Ouch’ के लिए तैयार रहेंगे।

हर घर में बच्चों के लिए First-Aid Box
में क्या होना चाहिए?

1. साफ पट्टियाँ, रुई, बैंड-एड, और एंटीसेप्टिक लोशन (Betadine)

2. डिजिटल थर्मामीटर – बुखार को तुरंत मापने के लिए

3. ORS का घोल – दस्त या उल्टी में निर्जलीकरण से बचाव के लिए सबसे ज़रूरी

4. बच्चों के लिए पैरासिटामोल सिरप – डॉक्टर की सलाह के अनुसार

5. ठंडे पानी की सिकाई के लिए Ice Pack – सूजन या मोच पर

6. आपके बाल रोग विशेषज्ञ का नंबर और एम्बुलेंस नंबर – सबसे सामने लिखा हुआ

3 बातें जो हर माता-पिता
को सीखनी चाहिए

1. घबराएँ नहीं, संभालें : चोट लगने पर सबसे पहले बच्चे को दिलासा दें। शांत मन से सही निर्णय लिया जा सकता है।

2. गलत तरीकों से बचें : कट पर हल्दी, टूथपेस्ट या मक्खन न लगाएं। जलने पर बर्फ सीधे न लगाएं, 10 मिनट तक साफ बहते पानी से धोएं।

3. कब डॉक्टर के पास भागना है : अगर बच्चा बेहोश हो जाए, साँस लेने में तकलीफ हो, खून बहना बंद न हो, बुखार के साथ झटके आएं, या कोई चीज़ निगल ले – तो तुरंत प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल पहुँचें। याद रखिए, प्राथमिक उपचार डॉक्टर का विकल्प नहीं है, बल्कि डॉक्टर तक पहुँचने से पहले का सुरक्षा कवच है।

बच्चे को First Aid सिखाना भी उतना ही जरूरी है। उसे सिखाएं कि छोटी चोट पर बड़ों को कैसे बताना है, नाक से खून आने पर आगे की ओर झुकना है, और इमरजेंसी नंबर क्या है। आज इस विश्व प्राथमिक उपचार दिवस पर आइए, हम सिर्फ एक बॉक्स नहीं, बल्कि एक आदत तैयार करें – तैयार रहने की आदत। आपके बच्चों के स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य की कामना के साथ, आपका अपना डॉ. श्याम अग्रवाल, बाल रोग विशेषज्ञ, बीकानेर

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