






बीकानेर Abhayindia.com प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के एक बयान के अलग-अलग अर्थ निकाले जाने से हाई हुआ सियासी पारा नीचे उतरने का नाम नहीं ले रहा। इस मुद्दे को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी लगातार सामने आ रही हैं। शनिवार को बीकानेर में पत्रकारों ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ से सवाल किया कि पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने कथित तौर पर कहा था कि कार्यकर्ताओं के काम नहीं हो रहे और वह खुद भी कुर्सी नहीं बचा पाईं। इस पर राठौड़ ने कहा कि वसुंधरा राजे के सभी काम होते हैं और उन्होंने कभी यह नहीं कहा कि उनके काम नहीं हो रहे।
राठौड़ ने यह भी बताया कि कुछ देर पहले ही उनकी राजे से बातचीत हुई है, जिसमें इस तरह की कोई बात सामने नहीं आई। इस बीच, पत्रकारों ने जब दुबारा सवाल दोहरा दिया तो राठौड़ ने राजस्थानी लोकोक्ति ‘डिठी कोनी कोरे मूंग की, मांगे घी और दाल, मोटी तूं क्यों झगड़ो करे, डिठी को नहीं नाम’। सुनाते हुए यह साफ भी किया कि जब वास्तविकता कुछ और होती है, तब भी लोग बड़ी-बड़ी अपेक्षाएं कर विवाद खड़ा कर देते हैं।
वहीं, पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कहा कि यह एक षड्यंत्र है और उन्होंने कभी पद या कुर्सी को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की। राजे ने बताया कि झालावाड़ जिले के कामखेड़ा बालाजी प्रांगण में उन्होंने जो बात कही थी, उसे संदर्भ से हटाकर प्रचारित किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह एक सड़क परियोजना के संदर्भ में लोगों को समझा रही थीं।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि धौलपुर में उनके घर के सामने से राष्ट्रीय राजमार्ग निकला था, जिसके चलते उन्हें अपने घर की बाउंड्री पीछे करनी पड़ी थी। उन्होंने कहा कि जब वह अपने घर को नियमों के कारण नहीं बचा सकीं, तो दूसरों के लिए भी नियमों से अलग कुछ नहीं किया जा सकता। राजे ने यह भी कहा कि उनके बयान को गलत रूप में पेश कर राजनीतिक रंग देने की कोशिश की गई है।


