






बीकानेर Abhayindia.com बीकानेर में पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गोविंदराम मेघवाल इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो को लेकर खासे चर्चा में है। वीडियो में अपशब्दों का इस्तेमाल करने के आरोप लगाते हुए उनके विरोधी लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। पार्टी आलाकमान तक भी मामला पहुंचाया गया है। इसके बावजूद इस मामले में पार्टी की ओर से अभी तक कोई संज्ञान नहीं लिया गया है। ऐसे में मेघवाल के विरोधी गुट के नेता सकते में है। वे गोविंदराम से माफी मांगने की मांग के साथ पार्टी से उन्हें निष्कासित करने की भी मांग कर रहे हैं। इसी दबाव के चलते गोविंदराम मेघवाल ने रविवार को जनसभा आयोजित कर अपनी राजनीतिक ताकत दिखाई। अब सियासी हलकों में यह चर्चा आम है कि क्या गोविंदराम मेघवाल के खिलाफ पार्टी कोई एक्शन लेगी? विरोधी गुट क्या लगातार दबाव बनाएंगे?
बहरहाल, सियासी हलके में यह चर्चा भी तेज हो गई है कि पूर्व मंत्री गोविंदराम के खिलाफ हो रहे राजनीतिक हमलों के बीच पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ढाल बनकर सामने आए है। मालूम हो कि सोशल मीडिया पर विवादित वीडियो वायरल के बाद गोविंदराम मेघवाल पूर्व सीएम अशोक गहलोत से मिलने भी पहुंच गए थे। इस दौरान उन्होंने पूरे दमदार तरीके से अपना पक्ष भी रखा।
यही नहीं, रविवार को हुई जनसभा में भी मेघवाल ने अशोक गहलोत के प्रति अपनी अटूट निष्ठा जताई। उन्होंने भावुक अंदाज में कहा कि अशोक गहलोत हमारे नेता हैं। अगर वो नहीं होते तो मेरी राजनीतिक हत्या तय थी। राजस्थान की राजनीति में गहलोत की मौजूदगी अनिवार्य है। उनके बिना प्रदेश की राजनीति कमजोर हो जाएगी। आपको बता दें कि मेघवाल की जनसभा में गहलोत के बड़े-बड़े पोस्टर भी लगाए गए थे। सभा में मेघवाल ने रामेश्वर डूडी समर्थकों को भाजपा की ‘बी टीम’ बताते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने पिछले कई चुनावों में कांग्रेस प्रत्याशियों को हराने का काम किया है।श्रीडूंगरगढ़ में मंगलाराम गोदारा को हरवाने का प्रयास किया गया। लूणकरनसर में वीरेंद्र बेनीवाल के खिलाफ काम किया गया और लोकसभा चुनाव में रेवंतराम पंवार की हार के पीछे भी इन्हीं का हाथ रहा। उन्होंने यह भी दावा किया कि जिन बूथों पर डूडी गुट का प्रभाव था, वहां भाजपा प्रत्याशी अर्जुनराम मेघवाल को भारी बढ़त मिली।


