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बीकानेर में डिप्टी मेयर चुनाव के बाद सोशल मीडिया पर घमासान, अल्पसंख्यक वर्ग में गहरी नाराजगी, कई नेताओं ने इस्तीफे की पेशकश की

बीकानेर Abhayindia.com नगर निगम में भाजपा के पंकज गहलोत के डिप्टी मेयर बनते ही कांग्रेस में बगावत खुलकर सामने आ गई है। अल्पसंख्यक वर्ग में गहरी नाराजगी है और सोशल मीडिया पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।

कांग्रेस प्रत्याशी की हार से
अल्पसंख्यक नेता आहत

भाजपा के पास 27 वोट थे, कांग्रेस के पास 42 पार्षदों का बहुमत। इसके बावजूद कांग्रेस प्रत्याशी नसीम बानो का चुनाव हार जाना अल्पसंख्यक समाज के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। पार्टी हाईकमान से क्रॉस वोटिंग की निष्पक्ष जांच और दोषी नेताओं पर कार्रवाई की मांग उठने लगी है।

गुलाम मुस्तफा बाबू भाई का तल्ख बयान

कांग्रेस प्रत्याशी नसीम बानो के ससुर और वरिष्ठ कांग्रेस नेता गुलाम मुस्तफा बाबू भाई ने सोशल मीडिया पर तल्ख अंदाज में लिखा- “गुलाम ए मुस्तफा हूं… निश्चित रहिए सबका हिसाब करूंगा, संघी कांग्रेसियों के साथ मुसंघी मुनाफिकों का भी पूरा कर्ज चुकाऊंगा” उनके इस बयान के बाद कांग्रेस के अंदरूनी घमासान और तेज हो गया है।

कांग्रेस में इस्तीफे की पेशकश 
और मेयर से इस्तीफे की मांग

1. डॉ. तनवीर मालावत (वरिष्ठ कांग्रेस नेता) ने कहा कि कांग्रेस ने मेयर तो बना लिया लेकिन डिप्टी मेयर नहीं बनवा पाए। इसके लिए उन्होंने मेयर अनिल कल्ला से इस्तीफे की मांग कर दी है।

2. एजाज अहमद पठान ने कहा “पूर्ण बहुमत होने के बावजूद बहन नसीम बानो का चुनाव हार जाना अत्यंत चिंताजनक व दुर्भाग्यपूर्ण है। पार्टी को जांच कर धोखा करने वालों पर कार्रवाई करनी चाहिए।”

3. कई अल्पसंख्यक नेताओं ने नाराज होकर पार्टी पदों से इस्तीफे की पेशकश कर दी है।

4. कांग्रेस नेता नीरज खान समेजा ने कहा कि कांग्रेस में क्रॉस वोटिंग की जांच होनी चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

मनोज बिश्नोई लाइव आए, 
बोले- पहले ही कहा था हारेंगे

कांग्रेस पार्षद मनोज बिश्नोई आज फेसबुक लाइव आए और बड़ा खुलासा किया- “मैंने तो पहले ही कह दिया था कि कांग्रेस उप-महापौर का चुनाव हारेगी। मैंने पूर्व मंत्री बीडी कल्ला, शहर अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल, यशपाल गहलोत को पहले ही कह दिया था कि चुनाव हारेंगे।” बिश्नोई ने कहा- “मेयर के लिए जो मजबूत बाड़ेबंदी की थी, वो डिप्टी मेयर के लिए नहीं की गई। बाड़ेबंदी खोलने से वोट बिखर गए। अंदरखाने में 6 से 7 दावेदार हो गए, इससे बाजी पलट गई।”

कुल मिलाकर मेयर की जीत के 24 घंटे बाद ही कांग्रेस में जो दरार पड़ी है, उसने पार्टी के लिए 2028 के विधानसभा चुनावों से पहले बड़ी चिंता खड़ी कर दी है।

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