





नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम की कभी भी गिरफ्तारी हो सकती है। आपको बता दें कि वे करीब 27 घंटे बाद अचानक कांग्रेस मुख्यालय पहुंचे। पी. चिदंबरम ने यहां पर मीडिया को संबोधित किया। चिदंबरम के साथ कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल, अभिषेक मनु सिंघवी और सलमान खुर्शीद भी मौजूद थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की नींव स्वतंत्रता है। संविधान का सबसे कीमती लेख अनुच्छेद 21 है जो जीवन और स्वतंत्रता की गारंटी देता है। अगर मुझे जीवन और स्वतंत्रता के बीच चयन करने के लिए कहा जाए, तो मैं स्वतंत्रता का चयन करूंगा।
पी. चिदंबरम ने कहा कि मैं आरोपी नहीं हूं। मेरे खिलाफ चार्जशीट दाखिल नहीं की है। आज सुनवाई के लिए मेरे केस की लिस्टिंग नहीं हुई है। मुझे और मेरे बेटे कार्ति को फंसाया जा रहा है। लापता रहने के सवाल पर पी. चिदंबरम ने कहा- रात से वकीलों के साथ दस्तावेज तैयार कर रहा था। उन्होंने कहा कि पिछले 24 घंटों में बहुत कुछ हुआ है, जिससे कुछ लोगों को चिंता हुई है और कई को भ्रम हुआ है। आईएनएक्स मीडिया मामले में, मुझ पर किसी भी अपराध का आरोप नहीं लगाया गया है और न ही मेरे परिवार के किसी अन्य सदस्य पर।

इससे पूर्व मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट से चिदंबरम को तगड़ा झटका लगा। कोर्ट ने मंगलवार दोपहर चिदंबरम की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी। इसके चंद मिनट बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। गिरफ्तारी पर तीन दिन की अंतरिम राहत देने की मांग करते हुए कोर्ट में फिर अर्जी लगाई, लेकिन उस पर भी उन्हें राहत नहीं मिली।






