





जयपुर Abhayindia.com गतिशील, पारदर्शी और नागरिक केंद्रित राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन को और अधिक मजबूत करने के लिये अब ई-जनसुनवाई प्रक्रिया को अपनाया गया है। बुधवार को जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अभय कुमार ने शासन सचिवालय स्थित राजस्थान सम्पर्क हेल्पलाइन (181) पहुंचकर इस पहल की शुरूआत की और परिवादियों से वीडियो कॉल पर संवाद कर उनकी समस्याएं जानी तथा समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने ई- जनसुनवाई के माध्यम से परिवादी भागचंद यादव और मुकेश प्रजापत की समस्या को सुना, समझा और विभाग के अधिकारियों से वीडियो वार्तालाप कर समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया।
एसीएस अभय कुमार ने बताया कि वीडियो सुनवाई से परिवादी अपनी समस्या को बेहतर तरीके से समझा सकता है, मौके पर ही पता लगाया जा सकता है कि उसकी समस्या को सम्बंधित अधिकारी ने ठीक से समझा या नहीं। आशा है कि इस प्रयोग से समस्या समाधान और संतुष्टि स्तर में काफी सुधार होगा। कुमार ने विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रकरणों के निस्तारण की औसत अवधि, लंबित मामलों, कम संतुष्टि प्राप्त श्रेणियों तथा जल संसाधन विभाग से संबंधित शिकायतों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक परिवादी की समस्या का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही राजस्थान संपर्क पोर्टल की कार्यक्षमता को बढ़ाने, डेटा का विश्लेषण करने के लिए पोर्टल को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इनेबल्ड किया जा रहा है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने संपर्क पोर्टल को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सक्षम किए जाने की सराहना करते हुए कहा कि इससे आमजन की समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी एवं सुगम बनाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि AI आधारित तकनीक के उपयोग से प्राप्त शिकायतों की रियल टाइम मॉनिटरिंग, विश्लेषण एवं प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई में सहायता मिलेगी।
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने सम्पर्क पोर्टल पर प्राप्त प्रकरणों के निस्तारण के लिए आवश्यक सुधारात्मक उपाय अपनाने, विभागीय अधिकारियों को परिवादियों के साथ प्रभावी संवाद स्थापित करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने जल संसाधन विभाग, इन्दिरा गांधी नहर एवं सिंचित क्षेत्र विकास विभाग से संबंधित विभिन्न शिकायतों के निस्तारण की प्रगति की वर्तमान स्थिति का भी मूल्यांकन किया। इस अवसर जल संसाधन विभाग, इन्दिरा गांधी नहर एवं सिंचित क्षेत्र विकास विभाग तथा राजस्थान सम्पर्क हेल्पाइन के अधिकारी मौजूद रहे।







