भाजपा नेता के बयान पर चिकित्सक आक्रोशित, काली पट्टी बांध जताया विरोध

बीकानेर Abhayindia.com चूरू जिले के रामपुरा बैरी गांव में एक गर्भवती महिलाा की मौत उपचार के दौरान हो गई। इसके बाद पूर्व मंत्री राजेन्द्र राठौड़ के बयान से चिकित्सकों में आक्रोश है।

इसके विरोध में आज  आइएमए के आह्वन पर शुक्रवार को काला दिवस मनाया गया। स्टेट आइएमए के संयुक्त सचिव डॉ.राहुल हर्ष ने बताया कि  राजेन्द्र राठौड़ के बयान  ने कोरोनाकाल मे अपनी जान पर खेलकर काम करने वाले चिकित्सकों का मनोबल घटाने का काम किया है।

बीकानेर आइएमए सचिव डॉ.नवल किशोर गुप्ता ने बताया कि राजस्थान के दूरस्थ गांवों में बेहद विकट परिस्थितियों में काम करने वाले डॉक्टर्स आज अपने आप को बेहद अपमानित महसूस कर रहे हैं। राजनैतिक स्वार्थ के लिए एक श्रेष्ठ व्यवसाय की मर्यादा को तार तार किया गया और मरीज एवं चिकित्सक के पवित्र रिश्ते में अविश्वास एवं नफरत का जहर घोला गया है।

आइएमए सर्विस डॉक्टर्स विंग के राज्य सचिव डॉ.सुनील हर्ष ने बताया कि जिम्मेदार पदों पर बैठे राजनेताओं से हर दम शुचिता की अपेक्षा की जाती है। संवेदनशील विषयों पर राजनेताओं की कही बातें आम जनमानस में गहरे पैठ कर जाती हैं, इसीलिए सार्वजनिक जीवन जी रहे राजनेताओं को संयमित आचरण करना चाहिए। इस संदर्भ में राज्य आइएमए एवं विभिन्न जिला इकाइयों की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मामले में उचित कारवाई के लिए पत्र लिखा गया है।

काली पट्टी बांधकर रोष

बीकानेर में भी डागा पैलेस कोविड-19 सेन्टर में कार्यरत चिकित्सकों ने काली पट्टी बांधकर रोष जताया। डॉ.कैलाश गहलोत के नेतृत्व में वहां कार्यरत चिकित्सकों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया।

चिकित्सकों का आरोप है कि उक्त महिला को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र से तहसील अस्पताल फिर जिला अस्पताल में रेफर कर दिया गया था, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इस के बाद भाजपा नेता राजेन्द्र राठौड़ भड़क गए और चिकित्सकों के खिलाफ अपशब्द कह दिए।