





बीकानेरAbhayindia.com निराश्रित पशुओं को नंदीशाला से स्थानांतरित किए जाने पर भाजपा के पूर्व पार्षदों ने रोष जताया है। भाजपा के कार्यकर्ताओं के प्रतिनिधि मंडल ने इस संबंध में नगर निगम आयुक्त से मुलाकात की।
साथ ही नंदीशाला को पुन: चालू करवाने व शहर के लावारिश गौवंश को नंदीशाला में ले जाने का कार्य पुन: शुरू करवाने की मांग रखी। भाजपा कार्यकर्ताओं ने रोष जताते हुए कहा कि निराश्रित गौवंश को उचित आश्रय देने के लिए पूर्व में आमरण अनशन किया गया था। जिस पर तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया ने अतिरिक्त बजट के साथ नंदीशाला चालू किए जाने की घोषणा की थी, उसके बाद नंदीशाला चालू हो गई थी।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि अब राजनीति के चलते पूर्व के अनुबंध को गलत बता कर पशुओं को अन्यत्र स्थानांतरित किया जा रहा है, साथ ही अनुबंध को निरस्त करने के प्रयास किए जा रहे है। दबाव के चलते अफसरों ने अप्रेल 2020 में जांच करवाने की बात कह कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया था। यह जांच आज तक लंबित है। भाजपा के भगवती प्रसाद गौड़ ने आरोप लगाया कि नंदीशाला में बड़ी संख्या में गौवंश की मौतें भी हो चुकी है। लेकिन इसके बावजूद निगम प्रशासन कुंभकरणी नींद में सोया है।
रोष प्रकट करते हुए दल के सदस्यों ने 15 दिवस में मामले का निस्तारण नहीं होने पर गौ प्रेमियों के साथ निगम में अनशन करने की चेतावनी दी है। वार्ता के दौरान पूर्व उप महापौर अशोक आचार्य, राजेंद्र शर्मा, भगवती प्रसाद गौड़, मोहम्मद ताहिर, मधुसूदन शर्मा, पंकज गहलोत, श्याम सुंदर चांडक, नरेश जोशी, शंभु गहलोत, तेजाराम राव, जगदीश मोदी, आनन्द सोनी, रमेश सैनी, टेक चंद यादव, दीपक व्यास आदि मौजूद रहे।





