Thursday, July 18, 2024
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बिजली संकट पर भजन सरकार में दौड़ा “करंट”, सीएम बोले- आगामी 10 वर्ष की मांग के आधार पर बनाएं कार्ययोजना

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जयपुर Abhayindia.com राजस्‍थान में चल रहे बिजली संकट के बीच भजनलाल सरकार अलर्ट मोड पर आ गई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश में विद्युत तंत्र के सुदृढ़ीकरण के लिए विभिन्न विद्युत निगमों एवं केन्द्रीय उपक्रमों के साथ हुए एमओयू को समयबद्ध पूरा करें जिससे आमजन को सुचारू रूप से निर्बाध विद्युत आपूर्ति हो सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन प्रोजेक्ट्स की निरंतर मॉनिटरिंग की जाए। साथ ही, विभागीय योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार हो जिससे आमजन, किसान तथा उद्यमी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।

शर्मा मंगलवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में ऊर्जा विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य की भौगोलिक स्थिति के दृष्टिगत कुछ माह राज्य में विद्युत की मांग उपलब्धता से कहीं अधिक रहती है लेकिन अब राज्य सरकार द्वारा ऊर्जा क्षेत्र में हाल ही में किए गए एमओयू के क्रियान्वयन से राजस्थान की विद्युत मांग की भी पूर्ति होगी तथा राज्य विद्युत उत्पादन में सरप्लस की श्रेणी में आ जाएगा।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केन्द्रीय उपक्रमों से समन्वय स्थापित कर इन एमओयू का क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आगामी रबी फसल के सीजन को देखते हुए विभाग अपनी तैयारियां पूरी रखें जिससे किसानोें को सिंचाई के लिए सुचारू विद्युत आपूर्ति मिल सके।

कलक्टर करें बैंकों के प्रतिनिधियों
के साथ बैठक

शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस योजना के तहत किसानों को सोलर पंप लगाने में वित्तीय सहयोग के लिए जिला कलक्टर बैंकों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करें जिससे इस प्रक्रिया में किसानों के लिए वित्तीय बाधा को दूर किया जा सके। उल्लेखनीय है कि पीएम-कुसुम कंपोनेंट ‘बी’ के तहत 70 हजार से अधिक किसानों को योजना का लाभ मिल चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारियों को आगामी 10 वर्ष की मांग को ध्यान में रखकर कार्ययोजना बनानी चाहिए जिससे भविष्य की मांग को वर्तमान के प्रोजेक्ट्स में शामिल किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को सरकारी कार्यालयों में रूफटॉप पर सोलर प्लांट के इंस्टालेशन के लिए भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिससे भविष्य में इन कार्यालयों में होने वाले बिजली व्यय को शून्य किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा की अपार संभावनाएं हैं। ऐसे में इन माध्यमों की क्षमता बढ़ाने के लिए कार्ययोजना बनाई जाए तथा ट्रांसमिशन सिस्टम के सुदृढ़ीकरण के लिए भी केन्द्र सरकार के साथ बैठक कर समन्वय स्थापित करें।

बैठक में बताया गया कि हाल ही में राज्य सरकार द्वारा केन्द्रीय उपक्रमों के मध्य हुए एमओयू-पीपीए के माध्यम से राज्य में ऊर्जा क्षेत्र के विकास में 1.60 लाख करोड़ के निवेश से 31 हजार 825 मेगावाट से अधिक की परियोजनाओं की स्थापना की जाएगी। इसकी प्रगति की जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि केन्द्रीय उपक्रमों द्वारा इस संबंध में साइट विजिट की जा चुकी है। बैठक में पीएम-कुसुम योजना के ‘अ’, ‘ब’ तथा ‘स’ घटकों की प्रगति, सोलर रूफटॉप इंस्टालेशन, राजस्थान विद्युत प्रसारण निगम के वित्तीय संसाधनों की जानकारी सहित ऊर्जा विभाग के विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।

किसानों को दिन में बिजली आपूर्ति के 
लिए मिशन मोड पर करें काम

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को सिंचाई के लिए दिन में बिजली आपूर्ति उपलब्ध करवाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है तथा पीएम कुसुम योजना के माध्यम से इस लक्ष्य को पूरा किया जा सकेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इसके लिए मिशन मोड पर काम किया जाए। अभियान चलाकर जनप्रतिनिधियों के सहयोग से इस योजना का आमजन में प्रचार-प्रसार करें तथा किसानों को योजना से मिलने वाले लाभ के बारे में अधिक से अधिक जागरूक करें। इस योजना के क्रियान्वयन से स्थानीय क्षेत्र में रोजगार सृजन भी होगा।

बैठक में ऊर्जा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हीरालाल नागर, मुख्य सचिव सुधांश पंत, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त अखिल अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा आलोक, अतिरिक्त मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय शिखर अग्रवाल, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय आलोक गुप्ता, डिस्कॉम्स अध्यक्ष भानूप्रकाश एटरू, राजस्थान विद्युत प्रसारण निगम के प्रबंध निदेशक नथमल डिडेल सहित मुख्यमंत्री कार्यालय तथा संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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