राजस्थान में कंप्लीट लॉकडाउन को लेकर बोले मुख्यमंत्री गहलोत …. , देखें वीडियो

Ashok Gehlot Chief Minister Of Rajasthan
Ashok Gehlot Chief Minister Of Rajasthan

जयपुर। राजस्थान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा की कोरोना की जो स्थिति बन रही है पहले लगातार वीसी हो रही थी प्रधानमंत्री के साथ में और अब काफी दिन हो गए, 17 जून को थी लास्ट। मैंने ट्वीट भी किया है और मैं आज पत्र लिख रहा हूं प्रधानमंत्री को कि आप सभी मुख्यमंत्रियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग वापस करें और दो दिन के लिए करेंगे और अच्छा रहेगा जिससे कि हर मुख्यमंत्री को बोलने का अवसर मिलेगा।

कई बार क्या होता है कि हम एक दिन के लिए करते हैं तो आधे लोग बोल पाते हैं आधे लोग नहीं बोल पाते हैं। हम चाहेंगे कि काफी दिन हो गए, कम से कम सबसे बात करेंगे, उनको फीडबैक मिलेगा राज्यों में क्या स्थिति है और केंद्र से क्या इमदाद चाहिए उनको, इकोनॉमिक स्थिति क्या है राज्यों की वो मालूम पड़ेगा क्योंकि लॉकडाउन लंबा चला, अभी तक भी रेवेन्यू 40 पर्सेंट मुश्किल से पहुंची है राज्यों की, राजस्थान की तो मैं कह सकता हूं। 40 पर्सेंट पहुंची है तो आप सोच सकते हो कि जब रेवेन्यू ही नहीं आएगी तो फिर कैसे काम चलेगा आगे? तो चिंता लगी हुई है कि रेवेन्यू के लिए क्या योजनाएं बन सकती है, केंद्र क्या इमदाद कर सकता है, किन-किन योजनाओं में छूट दे सकता है, ये तमाम फैसले मैं समझता हूं वीसी के माध्यम से अच्छे हो सकते हैं।

सवाल- सर राजस्थान अच्छा काम कर रहा है कोरोना को लेकर लेकिन परिस्थितियां अभी भी डरावनी बनी हुई हैं, केसेस सामने आ रहे हैं?
जवाब- देखिए कोई डरने की जरूरत इसलिए नहीं है, मृत्युदर पहले हमारे यहां 2 पर्सेंट के आसपास थी, अब 1 पर्सेंट नीचे आ गई है। हमने पूरा जोर लगा रखा है कि हम पूरा ध्यान रखें एक-एक मरीज का, इलाज अच्छा हो रहा है राजस्थान के अंदर, संख्या इसलिए बढ़ रही है क्योंकि संख्या हमने बढ़ाई है ढूंढकर के, जब आप ढूंढोगे उनको हिंदुस्तानभर में, जितना ज्यादा ढूंढोगे मतलब जितना ज्यादा टैस्ट करोगे, उतनी ज्यादा संख्या बढ़ेगी, पूरे विश्व में यही हुआ है। पॉलिसी दो तरह की हैं, एक तो ढूंढो ही मत धीरे-धीरे अपने आप में वो, जिसको कहते हैं हर्ड इम्युनिटी, कि थोड़ा बहुत इफेक्ट होगा फिर शरीर उसका इम्युनिटी में आ जाएगा और खत्म हो जाएगा, वो अलग पॉलिसी है। एक पॉलिसी है कि आप ज्यादा टैस्ट करो, राहुल गांधी जी बार-बार कहते थे फरवरी के अंदर से ही, ज्यादा टैस्ट होने चाहिए देश के अंदर, जिन राज्यों ने ज्यादा टैस्ट किए उन राज्यों में ज्यादा स्थिति अच्छी कंट्रोल में रही। हमारे यहां तो पुणे और दिल्ली भेजते थे सैंपल, आज 40 हजार से अधिक, लगभग 50 हजार तक पहुंचने वाले हैं, प्रतिदिन टैस्ट करने की हमारी कैपेसिटी हो गई है। राजस्थान ने बहुत शानदार काम किया, देश-दुनिया में उसका सम्मान बढ़ा है, लोग एप्रिशिएट कर रहे हैं, आज मैं आया भी इसीलिए हूं, वापस मैं वित्तीय स्थिति को लेकर रिव्यू करूंगा, कोरोना को लेकर हम लोग रिव्यू करेंगे और विभागों से भी बात करेंगे, इस प्रकार से हमारे राजस्थान में कोई दिक्कत नहीं है।

सवाल- कंप्लीट लॉकडाउन को लेकर प्लान तो नहीं है सर?
जवाब- वापस से तो लॉकडाउन पूरा करना उचित नहीं समझता मैं, परंतु मैं जनता को आगाह करना जरूर चाहूंगा, महामारी तो महामारी है, खतरनाक महामारी है, जो आपको सरकार की तरफ से सलाह दी गई है, किस प्रकार मास्क लगाना है, किस प्रकार सोशल डिस्टेंसिंग करनी है, किस प्रकार आपको साबुन से हाथ धोने हैं बार-बार और शादी-ब्याह, बड़े प्रोग्राम छिपकर भी नहीं करने हैं। जब हमने रोक लगा रखी है कि आप 50 से ज्यादा लोग इकट्ठे नहीं होंगे, तो वो हजार लोगों को 50-50 के टुकड़ों में बुलाते हैं, जरूरत ही नहीं होनी चाहिए उसकी। मेरा मतलब है कि जनता को पूरी तरह से खुद के इंटरेस्ट में भी सहयोग करना चाहिए, औरों के इंटरेस्ट में भी सहयोग करना चाहिए। सब मिलकर ही कोरोना से लड़ाई लड़ सकते हैं।

इस काम में मैंने कभी पक्ष-विपक्ष पर आरोप नहीं लगाया, मैंने सबको कहा- ये लड़ाई जो हमने जीती है काफी हद तक, कंट्रोल रखा है, उसमें तमाम राजस्थान के आम आदमियों ने, दानदाताओं ने, भामाशाहों ने, धर्मगुरुओं ने, एक्टिविस्ट्स ने, डॉक्टरों ने और तमाम पॉलिटिकल पार्टियों के कार्यकर्ताओं ने, पॉलिटिकल पार्टियों के MLAs ने। 21 घंटे की मैंने वीसी की थी, सबने वेलकम किया और एप्रिशिएट किया हमारे प्रबंधन को, अब कुछ नेता बोलते रहते हैं तो मैं समझता हूं कि उसकी जरूरत ही नहीं है। मैंने कभी नहीं कहा कि आप लोग कहां घुस गए, कहां चली गई आरएसएस, कहां चली गई बीजेपी, मैं कभी नहीं कहता हूँ।

कोरोना जंग है जीवन बचाने की, जिंदगी व्यक्ति की, उसमें क्या राजनीति करनी है? फिर भी ये लोग राजनीति करते हैं, कोरोना के अंदर ही लेकर आ गए कि सरकार को गिराने का षड्यंत्र करके, जनता इनको माफ नहीं करेगी आप देखना, जनता इनको कभी माफ नहीं करेगी। जिस प्रकार से षड्यंत्र किया सरकार को टॉपल करने का, हॉर्स ट्रेडिंग कर रहे हैं बड़े रूप के अंदर, अभी तक नहीं रुक रहे हैं, आम जनता घर-घर के अंदर, हम जब जा रहे हैं बसों के अंदर कार में बैठकर, जिस प्रकार लोग वेव कर रहे हैं हाथ को, विक्ट्री का साइन दिखा रहे हैं, पब्लिक है रोड्स पर, ढाबों पर, ये क्या शो करता है? क्या इनके समझ में नहीं आ रही है क्या? मैंने अभी जैसलमेर में कहा कि वसुंधरा राजे जी कहां गायब हो गई हैं और ये लोग इसलिए बोल रहे हैं, इनमें आपस में कंपीटिशन हो गया है कि वसुंधरा जी के विकल्प के रूप में हम कौन बन सकें उसके अंदर। एक तो बनता-बनता वो प्लेन क्रैश हो गया, वो पकड़ा गया ऑडियो टेप के अंदर केंद्रीय मंत्री, नाम तो तुम ले रहे हो, एक ही बात है, और उनके ऊपर वो शानदार केस बना हुआ है इथोपिया में प्रॉपर्टीज का और लोगों को लूटने का।

आज राजस्थान के लोग लुट गए उनसे, कौनसी उनकी कंपनी है संजीवनी, जवाब दे नहीं रहे हैं उसका और मोदी जी उनको अभी तक ड्रॉप कर नहीं रहे हैं। उनको चाहिए कि उनका तो प्लेन पहले ही क्रैश हो गया ऊपर चढ़ते-चढ़ते ही, मुख्यमंत्री के सपने देखते थे, नीचे आ चुके हैं वो तो अब, खाली ट्वीट करते हैं, दिनभर ट्वीट करते हैं। अरे ट्वीट करना बंद करो, पानी की चिंता करो, राजस्थान में जो 13 जिलों की योजना है, महत्वाकांक्षी योजना है, मैंने नहीं बनाई है, पूर्व सरकार ने बनाई है ठीक है, वो योजना में अगर गजेंद्र सिंह शेखावत साहब लग जाएंगे तो राजस्थान में लोग एप्रिशिएट करते उनको, इतनी बड़ी वो योजना है 40 हजार के लगभग करोड़ की योजना वो है। हमने वापस हाथ में लिया, प्रधानमंत्री जी को रिक्वेस्ट की मैंने, आपने जयपुर में अजमेर में चुनाव रैलियों से पहले आपने वादा किया था कि मैं वापस जीतकर आऊंगा, इस योजना को राष्ट्रीय स्तर की घोषित करूंगा, वो 13 जिलों की पानी की योजना उसको मैं राष्ट्रीय परियोजना घोषित करूंगा, अभी तक की नहीं है। मैंने परसों उनको लैटर लिखा और, इन मुद्दों पर विपक्ष हमारा साथ दे, हम सब मिलकर केंद्र से लड़ाई लड़ें, ये होना चाहिए।

सवाल- सर राम मंदिर में 5 तारीख को भूमि पूजा होगी, पूरा लगा पड़ा है, बीजेपी कह रही है कि 500 साल का इंतज़ार अब खत्म हुआ, क्या कुछ कहेंगे राम मंदिर के मामले में?
जवाब- देखिए वो तो जब कोर्ट का फैसला आ गया, पूरे देश ने स्वीकार किया है, पर ये राजनीतिक लाभ उठाने के लिए, कितना तो पहले दंगे भड़के हैं, क्या- क्या नहीं हुआ है देश के अंदर और इनको चाहिए इस देश को एक रखने के लिए, अखंड रखने के लिए सबको साथ लेकर चलें। धर्म-जाति-बिरादरी तब जाकर के ये देश मजबूत होगा, एक रहेगा, अखंड रहेगा, वरना पता नहीं देश का क्या होगा?

सवाल- बसपा को केस वापस लेना चाहिए सर, जो टाइमिंग है बसपा के केस की, इस वक्त मायावती ने कहा है कि मैं मौका देख रही थी?
जवाब- मायावती बहनजी को इतना दबाव है सीबीआई का और ईडी का, उनको पूछो कि भई आपके 6 विधायक ने मर्ज किया है और हरियाणा के अंदर भी मर्ज किया था, पिछली बार भी मर्ज किया था, मर्ज करने में तो कानून के अंतर्गत किया है, कानून कहता है कि 2/3 बहुमत से आप मर्ज कर सकते हो, मिला सकते हो या अलग पार्टी बना सकते हो। यहां के लोग अलग पार्टी बनाते, उससे अच्छा उन्होंने सोचा कि हमारे खुद के क्षेत्रों में काम भी होंगे सरकार से, सरकार स्टेबल रहेगी, पूरे प्रदेश को लाभ मिलेगा, इतनी बड़ी सोच के साथ में उन्होंने मर्ज किया है, उसको वेलकम किया सब लोगों ने और पूरे देश के अंदर 4 टीडीपी के MPs को, मैंने कल भी कहा आपको, बीजेपी ने मिला लिया राज्यसभा के अंदर, वो तो कोई क्वेश्चन नहीं कर रहा है, वो मिलाना ठीक था और बीजेपी का MLA गया है कोर्ट के अंदर, भेजा गया है, यहां मर्जर गलत है। 6 विधायक मर्ज कर गए, वो तो है गलत और 4 जो उनके सांसद थे, रातोंरात मिला लिए, वो ठीक है। गोवा में 15 में से 10 MLAs को मिला लिया, वो ठीक है, तो इनके आर्ग्युमेंट में कोई दम नहीं है। इनके चाल-चरित्र-चेहरे जो हैं, सबके सामने आ रहे हैं।

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