पेजजल की किल्लत, महिलाओं ने फोड़ी मटकियां

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बीकानेर (अभय इंडिया न्यूज)। नहरबंदी के कारण शहर में पेयजल वितरण की व्यवस्था लडख़ड़ा गई है। इस बीच सोमवार को शहर में पेयजल की किल्लत से आक्रोशित महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। महिलाओं ने शहर जिला महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सुनीता गौड़ के नेतृत्व में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन कर जलदाय विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर मटकियां फोड़ी। साथ ही जलदाय विभाग के अधिकारियों का घेराव कर ज्ञापन दिया।

शहर जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष सुनीता गौड़ ने कहा कि शोभासर जलाशय क्षेत्र वाले मुक्ताप्रसाद नगर, रामपुरा बस्ती, नयाशहर, लालगढ़, मुरलीधर व्यास कॉलोनी सर्वोदय बस्ती, रानी बाजार, गोगा गेट, जय नारायण व्यास कॉलोनी सेक्टर नं. 6, घड़सीसर, चौधरी कॉलोनी सहित शहर के विभिन्न इलाकों में लोगों को पीने का पानी तक नसीब नहीं हो रहा है। हालात ये है कि जलदाय विभाग के अफसरों को अपने ही इलाकों की जानकारी नहीं है। रेलवे की सप्लाई बताकर लोगो को भटकने के लिए मजबूर किया जा रहा है। विभाग की लापरवाही के कारण टैंकरों से पानी मंगवाना पड़ रहा है। टैंकर वालों ने भी दाम 500 रुपये कर दिए है।

गौड़ ने अधीक्षण अभियंता दीपक बंसल को चेतावनी देते हुए कहा की अगर 7 दिनों में व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो महिला कांग्रेस की ओर से जलदाय विभाग की इस अव्यवस्था के खिलाफ शहर के सभी हेडवक्र्स पर मटकी फोड़ प्रदर्शन किया जायेगा। इस सम्बंध में जिला कलक्टर को भी ज्ञापन देकर अवगत करवाया गया है। फिर भी हालत नहीं सुधरे तो सबसे पहले नयाशहर टंकी पर प्रदर्शन होगा। शहर की सैकड़ों महिलाएं अपने घरों से मटकियां लेकर हेडवक्र्स पर इक_ा होंगी। सरकार की नींद हराम की जायेगी। इस अवसर पर शहर जिला महिला कांग्रेस उपाध्यक्ष मनभरी, परमेश्वरी बिश्नोई, कमली बानो, जशोदा पांडुई, हसीना, रुबीना, हुसैनी, मन्नू सहित महिलाओं ने विभाग के खिलाफ नारे बाजी कर मटकियां फोड़ी।

मंत्री पुत्र के कमेंट्स से भाजपा में आया भूचाल

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बीकानेर (अभय इंडिया न्यूज)। केन्द्रीय राज्यमंत्री अर्जुनराम मेघवाल के पुत्र रविशेखर की ओर से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के फेसबुक पेज पर राजस्थान भाजपा प्रदेशाध्यक्ष पद को लेकर किए गए कमेंट्स से प्रदेश की राजनीति में भूचाल आ गया है। रविशेखर ने राष्ट्रीय अध्यक्ष को नसीहत देते हुए लिखा है कि राजस्थान प्रदेशाध्यक्ष पद पर साफ-सुथरा चेहरा लाया जाना चाहिए।

यही नहीं, मंत्री पुत्र ने चेताते हुए आगे लिखा है कि राजस्थान में अभी कांग्रेस मजबूत है और लगभग 140 सीटें आ रही है। समय रहते निर्णय ले लो, नहीं तो लेट हो जाएगी। मंत्री पुत्र रविशेखर के ये कमेंट्स सोमवार दोपहर बाद से सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं। इस बीच रविशेखर का वो व्हाट्सअप मैसेज भी वायरल हो गया है जिसमें वो इस बात से इंकार कर रहे हैं कि ये कमेंट्स उन्होंने खुद किए हैं।

बहरहाल, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष पद को लेकर शीर्ष और प्रदेश नेतृत्व के बीच चल रही खींचतान के बीच मंत्री पुत्र के कूद पडऩे से राजनीतिक गलियारों में चर्चा का बाजार तेज हो गया है। मंत्री पुत्र रविशेखर की ओर से किए गए कमेंट्स में राजस्थान के जातीय समीकरण भी बताए गए है। इसमें लिखा है कि राजस्थान में एससी और एसटी 32 प्रतिशत है, जबकि जाट 18, मुस्लिम 10, राजपूत 3 तथा ब्राह्मण-बनिया पांच-पांच प्रतिशत तथा ओबीसी 16 प्रतिशत है। मंत्री पुत्र यहीं पर नहीं रूके, उन्होंने आगे लिखा है कि आप राजस्थान के वोटरों की सोचो। गजेन्द्र ङ्क्षसह शेखावत जातीय समीकरणों के लिहाज से उक्त पद के लिए फिट नहीं है। बहरहाल, मंत्री पुत्र के उक्त कमेंट्स को लेकर फिलहाल भाजपा नेता कोई प्रतिक्रिया देने को तैयार नहीं हो रहे हैं।

शरारती तत्व ने किए थे कमेंट्स : मंत्री पुत्र

मंत्री पुत्र रविशेखर मेघवाल की ओर से व्हाट्सअप पर वायरल हो रहे मैसेज में कहा गया है कि ‘मेरे मोबाइल पर िकिसी शरारती तत्व ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय अमित शाह जी के फेसबुक पेज पर कुछ अशोभनीय व मेरी विचारधार के विपरीत राजनीतिक कॉमेंट कर दिये थे। जिनका मैं पूर्णतया खंडन करता हूं। मेरे घर पर काफी लोगों को आना-जाना रहता है, पता नहीं किस शरारती तत्व ने यह हरकत की है। इस संबंध में मैं कानूनी कार्यवाही करूंगा।’

राजनीति छोड़ सरकारी नौकरी करेंगी ये दो महिला पार्षद

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जयपुर (अभय इंडिया न्यूज)। तीन साल पहले पार्षद पद पर निर्वाचित हुई दो युवतियोंं ने सरकारी नौकरी की राह पकड़ ली है। ये राजनीति में रहना नहीं चाहती। अब इनके वार्ड क्षेत्रों में उपचुनाव कराए जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग के हवाले से आई खबर के मुताबिक अगस्त 2015 में कराए गए निकाय चुनावों में नगरपालिका बिलाड़ा के वार्ड संख्या 15 से पूजा (25 वर्षीय) भाजपा के टिकट और कोटपुतली वार्ड 18 से निशा (21 वर्षीय) ने बतौर निर्दलीय चुनाव जीतकर राजनीति में प्रवेश किया था। अब इन दोनों पार्षदों का चयन सरकारी नौकरी में हो गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने जिन नौ निकायों में उपचुनाव की वजह बताई है उसमें यह जानकारी दी गई है। प्रदेश के नौ नगरीय निकायों के नौ वार्ड में उपचुनाव कराए जाने हैं।

आयोग के अनुसार प्रदेश के उदयपुर नगर निगम वार्ड 46, जैसलमेर नगर परिषद वार्ड नौ एवं धौलपुर वार्ड 44, नगरपालिका पुष्कर वार्ड 16, राजगढ़ वार्ड 6, बीकानेर के नोखा में वार्ड 5, सुजानगढ़ वार्ड 36, कोटपुतली वार्ड 18 और बिलाड़ा वार्ड 15 में उपचुनाव कराए जाएंगे। उदयपुर, राजगढ़, नोखा एवं पुष्कर में मौजूदा पार्षदों के निधन की वजह से उपचुनाव कराए जाएंगे। इसके लिए मतदाता सूचियों में पुनरीक्षण का कार्यक्रम शुरू कर दिया गया है। निर्वाचक नामावलियों के प्रारूप प्रकाशन के साथ ही आगामी 30 अप्रेल तक दावे एवं आपत्तियां प्रस्तुत की जा सकती हैं। इनके निस्तारण की अंतिम तिथि सात मई है। इसके बाद 15 मई को पूरक और 31 मई को फाइनल मतदाता सूचियों का प्रकाशन कर दिया जाएगा।

पायलट ने कसा तंज- भाजपा में कोई नहीं बनना चाहता बलि का बकरा

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कोटा (अभय इंडिया न्यूज)। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा है कि राजस्थान में भाजपा का कोई प्रदेश अध्यक्ष नहीं बनना चाहता, क्योंकि सबको पता है यहां भाजपा का सफाया होना निश्चित है। इसलिए कोई नेता प्रदेश अध्यक्ष बनकर बलि का बकरा नहीं बनना चाहता। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पायलट ने कोटा में मेरा बूथ, मेरा गौरव कार्यक्रम के दौरान यह बयान दिया है।

पत्रकारों से बातचीत में पायलट ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा की हार तय है। इनका कोई भी दांव काम नहीं आएगा। चाहे भाजपा के नए अध्यक्ष की नियुक्ति हो या फिर मंत्रिमंडल में फेरबदल और विस्तार हो। उन्होंने कहा कि चेहरा बदलने या नाम बदलने से मुख्यमंत्री अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती। आगामी चुनावों में भाजपा ताश के पत्तों की तरह ढह जाएगी। प्रदेश की जनता सरकार से त्रस्त है। हाड़ौती का किसान सबसे ज्यादा परेशान है। आज हमने संभागभर से हजारों की तादाद में बूथ कार्यकर्ताओं को कोटा मुख्यालय बुलाया है। हजारों की संख्या में कार्यकर्ता आए हैं। हम लोग आगामी चुनाव की तैयारी में जुटे हैं। हाड़ौती में कांगे्रस हमेशा से ही मजबूत रही है। आज के कार्यक्रम के बाद दुगनी ताकत के साथ हम जनता के बीच जाएंगे। सरकार की विफलताओं को उनके सामने रखेंगे।

पायलट ने कहा कि सरकार की संवेदना मर गई है। किसानों आत्महत्या के सवाल पर उन्होंने कहा, बारां और झालावाड़ में हाल ही में किसानों ने आत्महत्या की है। लहसुन के दाम इतने कम है की किसान पूरी तरह से हताश हो रहा है। सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही। मुख्यमंत्री ने स्वीकार कर लिया है कि उन्हें किसानों के प्रति कुछ करना नहीं है। सिर्फ घोषणाएं हो रही हैं, लेकिन खरीद केंद्र अब तक शुरू नहीं हो सके। लगातार किसान अपनी जान दे रहे हैं, इसे रोकने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। किसानों की समस्याओं को लेकर कांगे्रस और अगल-अलग किसान संगठनों द्वारा धरना, प्रदर्शन कर चुके हैं लेकिन मुख्यमत्री ने अनदेखी कर किसानों पर जुल्म किया है। आगामी चुनाव में किसान सूद समेत इसका बदला लेगा।

पत्रकार वार्ता में कांगे्रस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट ने हाड़ौती में नए चहरों को मौका दिए जाने के सवाल का जवाब देते हुए कहा, जो उम्मीदवार जीतने की स्थिति में हैं, उनका अध्ययन करेंगे और कार्यकर्ताओं से फीडबैक लेंगे। पार्टी को मजबूत करने और जीताने वाले उम्मीदवार के अनुभव का पार्टी पूरा इस्तेमाल करेगी। प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर पालयट ने कहा कि गृहमंत्री की साख बची नहीं है। शोषण, उत्पीडऩ, बलात्कार, लूट, डकैती समेत कई गंभीर अपराध बढ़ रहे हैं। सरकार पूरी तरह से नाकाम साबित हो चुकी है। कानून व्यवस्था बनाने में न मुख्यमंत्री और न ही गृहमंत्री गंभीर नहीं है। इन्हें पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है।

नियम-कायदों पर भारी इन स्कूलों की मनमानी

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बीकानेर (अभय इंडिया न्यूज)। निजी स्कूलों की मनमानी राजस्थान विद्यालय (फीस विनियमन एक्ट 2016) अधिनियम पर भारी साबित हो रही है। अधिनियम में अभिभावकों को स्कूल की फीस तय करने की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन मनमानी पर उतारू कई निजी स्कूल न तो कमेटी बना रहे हैं और न ही इस संबंध में अभिभावकों को कोई सूचना दे रहे हैं। शैक्षिक सत्र की शुरुआत के सथ ही बड़ी संख्या में निजी स्कूलों ने 15 से लेकर 20 प्रतिशत तक फीस में बढ़ोतरी कर दी है। इन स्कूलों ने फीस बढ़ाने के संबंध में शिक्षा विभाग को भी कोई अधिकृत सूचना नहीं दी है।

हालांकि शिक्षा विभाग समय-समय में सर्कुलर जारी करके ऐसे स्कूलों की मान्यता रद्द करने की चेतावनी देता है, लेकिन इसका कोई असर फिलहाल इन पर नजर नहीं आ रहा। निजी स्कूल न केवल फीस के मामले में, बल्कि कॉपी-किताब और यूनिफॉर्म को लेकर भी मनमानी पर उतारू हो गए है। कौनसी जगह से यूनिफॉर्म लेनी है और कौनसी जगह से कॉपी और किताब, यह सब वे ही अभिभावकों को बताते हैं। शिक्षा विभाग की ओर से इन पर प्रभावी अंकुश नहीं होने के कारण अभिभावक भी ऐसे स्कूल संचालकों से कोई पंगा नहीं लेना चाहते।

बता दें कि प्रदेश में पहली बार 2010 में सरकार ने तीन साल में कुल 33 फीसदी से अधिक फीस बढ़ाने पर रोक लगाई थी। 2013 में तत्कालीन गहलोत सरकार ने राजस्थान विद्यालय फीस के संग्रहण का विनियमन अधिनियम लागू किया। राज्य स्तरीय फीस निर्धारण कमेटी के गठन का प्रावधान किया गया था। इसके बाद 1 जुलाई 2016 को वर्तमान सरकार ने महाराष्ट्र पैटर्न पर नया फीस कानून लागू किया। इसमें स्कूल स्तर पर फीस निर्धारण कमेटियों के गठन का प्रावधान भी किया गया था, लेकिन अधिनियम की पालना कराने के मामले में शिक्षा विभाग के अफसर फेल साबित हो रहे हैं। अधिनियम के तहत अधिक फीस लेने पर रोक है। इसके तहत कोई स्कूल नियत या अनुमोदित फीस से अधिक कोई फीस नहीं ले सकेगा। फीस के लिए प्रत्येक सत्र की शुरुआत से 30 दिन के भीतर स्कूल के मुखिया द्वारा माता-पिता अध्यापक संगम गठित किया जाएगा। इसकी सूचना स्कूल के सूचना बोर्ड पर लगानी होगी।

इधर, शिक्षा निदेशक ने डीईओ को निजी स्कूलों की फीस संबंधित सूचनाएं भिजवाने और जिले के सभी प्राइवेट स्कूलों को पाबंद करने एवं अनियमित फीस बढ़ोतरी करने वाले स्कूलों की तत्काल जांच कर मान्यता समाप्ति की कार्रवाई किए जाने के लिए जांच रिपोर्ट भिजवाने के निर्देश् दिए हैं। निर्देश में कहा गया है कि इसमें कोताही बरतने पर डीईओ जिम्मेदार होंगे।

कलक्टर से बोले कांग्रेसजन- जांच की आड़ में नहीं दे रहे एनओसी

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बीेकानेर (अभय इंडिया न्यूज)। जिला कांग्रेस कमेटी के बैनर तले कांग्रेसजनों ने सोमवार को कलक्टर अनिल गुप्ता से मिलकर कहा कि नगर विकास न्यास ने करोड़ों रुपए लेकर पट्टे तो बना दिए, लेकिन एनओसी नहीं दी जा रही। न्यास प्रशासन पट्टों की जांच की आड़ में एनओसी नहीं दे रहा, इससे आमजन परेशान हो रहे हैं। कांग्रेस पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. बी. डी. कल्ला ने कहा कि न्यास प्रशासन लगभग 20-22 हजार पट्टों की एन.ओ.सी. नहीं दे रहा, इस कारण पट्टेधारी आमजन दर-दर की ठोकरें खा रहा है। भाजपा के इस राज में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है। न्यास कर्मचारी जानबूझ कर आम जन को पीडि़त कर रहा हैै, शहर जिला कांग्रेस इसका पूर्णतया विरोध करती है।

पीसीसी सदस्य एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता गोपाल गहलोत ने न्यास प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि नगर विकास न्यास ने इन पट्टों से करोड़ों रूपये की आय की थी, लेकिन आज इन पट्टाधारियों को एन.ओ.सी. नहीं मिलने से काफी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। बीकानेर के नागरिक न्यास की कार्य शैली एंव कर्मचारियों की नीति से त्रस्त है। न्यास प्रशासन आमजन को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की जांच का झूठा हवाला देकर अपना पल्ला झाड़ रहा है। पूर्व में भी इस सम्बन्ध में कई मर्तबा नगर विकास न्यास से मांग की जा चूकी है, लेकिन आज तक आमजन को कोई भी राहत नहीं मिली। समय रहते इस विषय पर जल्द से जल्द उचित कार्यवाही नहीं हुई तो कांग्रेस आमजन के साथ एक बड़ा आन्दोलन करेगा।

शहर अध्यक्ष यशपाल गहलोत एंव नेता प्रतिपक्ष जावेद पडि़हार ने कहा कि नगर विकास न्यास परिसर में भ्रष्टाचार का बोल-बाला चारों तरफ है। प्रदेश भाजपा सरकार को भी आम जन से कोई सरोकार नहीं है। न्यास के अधिकारी एंव सत्ताधारी पार्टी के जनप्रतिनिधि सिर्फ अपना निजी स्वार्थ साधने में लगे है। वर्तमान में बीकानेर शहर विकास की दृष्टि से काफी पिछड़ चुका है। पिछले चार वर्षों से आम जन एन.ओ.सी. के लिए परेशान हो रहे हैं।

प्रवक्ता फिरोज भाटी ने बताया कि ज्ञापन देने वालों में आनन्दसिंह सोढ़ा, महिला अध्यक्ष सुनीता गौड़, ललित तेजस्वी, मगनलाल पाणेचा, माशूक अहमद, जयदीप सिंह जावा, आजम अली, अविनाश राठौड़, मैक्स नायक, श्याम तंवर, एडवोकेट मो. असलम, शिवशंकर स्वामी, अरूण व्यास, पार्षद शहाबुदीन भुट्टा, फारूक भाटी, राजू देवी व्यास, नारायण जैन, जाकिर नागौरी, मनोज चौधरी, अब्दुल रहमान लोदरा, सत्यनारायण कच्छावा, विकास तंवर, शाबीर पंवार, शेषनाथ पांडे, मुमताज शेख, अहमद अली भाटी, मुकेश गहलोत, पाबुराम नायक, मुनीर कुरैशी, रविकांत पंडित, रोहित पंडित, शाहरूख खान, पार्षद युनूस अली, दिलीप सारण, नीरज गहलोत, संजय भाटी, राजा भाटी, चेतन जावा सहित कई कांग्रेस जन शामिल रहे।

इस केस पर टिकी है आठ देशों के लाखों लोगों की निगाहें

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जोधपुर (अभय इंडिया न्यूज)। नाबालिग के यौन उत्पीडऩ के आरोप में जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद आसाराम के मामले में 25 अप्रैल को आने वाले फैसले के मद्देनजर पुलिस प्रशासन ने कड़े प्रबंध किए है। इस बहुचर्चित मामले पर करीब आठ देशों के लाखों लोगों की निगाहें टिकी हैं। भारत सहित करीब आठ अन्य देशों में आसाराम के लगभग १४० आश्रम हैं। चौदह सौ से भी ज्यादा छोटे आश्रम, शिक्षण संस्थान, योग केंद्र और अन्य कार्यालय भी हैं। इनमें लाखों लोग और बच्चे पढ़ते-लिखते हैं, आध्यात्म के बारे में सीखते हैं और पूजा-पाठ पर ध्यान देते हैं। इन देशों में भारत के अलावा अफ्रीका, कनाडा, दुबई, इंगलैंड, नेपाल, हांगकांग, यूएसए और सिंगापुर शामिल हैं। सबसे ज्यादा आश्रम यूएसए और नेपाल में बताए जाते हैं। यूएसए में जहां 9 आश्रम हैं, वहीं नेपाल में पांच आश्रम हैं। शेष देशों में भी कहीं एक तो कहीं दो आश्रम हैं।

जानकारों की मानें तो आसाराम से जुड़ा यह फैसला लाखों लोगों के जीवन और उनके आध्यात्म से जुड़ा हुआ है। 25 अप्रेल को होने वाले फैसले से यह तय हो सकता है कि आसाराम पर जो संगीन आरोप लगे हैं वे सहीं हैं या नहीं। बहरहाल, जोधपुर सेंट्रल जेल में जहां आसाराम बंद है, उसके आसपास होटलों और धर्मशालाओं की नियमित रूप से तलाशी हो रही है। पुलिस पूरी तरह मुस्तैद एवं सतर्क है। आसाराम के समर्थकों की भीड़ जुटने के मद्देनजर दस दिन के लिए जोधपुर में धारा 144 लागू की गई है। आसाराम के भक्तों और सेवकों को जोधपुर जेल के आसपास ही नहीं, बल्कि अन्य जगहों पर भी एक साथ रुकने नहीं दिया जा रहा है। केवल जोधपुर ही नहीं, बल्कि उत्तरप्रदेश और हरियाणा के कुछ जिलों में भी पुलिस तक सतर्क है।

गौरतलब है कि यौन उत्पीडऩ के आरोपी आसाराम के मामले में फैसले के लिए 25 अप्रैल की तारीख तय की गई है। सजा सुनाए जाने के दौरान बड़ी संख्या में आसाराम के समर्थकों के जोधपुर शहर में पहुंचने की पुलिस को खुफिया रिपोर्ट मिली है। इस पर पुलिस ने उच्च न्यायालय में अर्जी पेश कर आसाराम का फैसला जेल में ही सुनाए जाने का आग्रह किया था। पुलिस की अर्जी को स्वीकारते हुए जस्टिस गोपालकृष्ण व्यास और जस्टिस रामचंद्र झाला की खंडपीठ ने आसाराम को जेल में ही फैसला सुनाने का आदेश दिया है। अब जोधपुर जिला एससी, एसटी न्यायालय के जज मधुसूदन शर्मा जेल में ही फैसला सुनाएंगे।

नकली घी बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़

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बीकानेर/चूरू (अभय इंडिया न्यूज)। संभाग के रतनगढ़ क्षेत्र में पुलिस ने नकली घी बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ करते हुए 70 लाख का घी जब्त किया है। साथ ही घी बनाने के लिए उपयोग में लिए जाने वाले उपकरण भी जब्त किए है। स्थानीय पुलिस ने देर रात बड़ी कार्यवाही करते हुए रीको औद्योगिक क्षेत्र में एक विभिन्न प्रकार के नकली घी बनाने की फैक्ट्री पकड़ी है।

जानकारी के मुताबिक रात को पुलिस, रसद व खाद्य विभाग के अधिकारियों ने यह कार्यवाही करते हुए रिको ओद्योगिक क्षेत्र में रोड नंबर छह पर प्लाट 169 में चल रही फैक्ट्री को सीज किया है। इसमें से एक ट्रक जिसमें विभिन्न ब्राण्डों के नकली घी भरा हुआ था तथा एक पाम आयल भरा टेंकर, हजारों टीन व डिब्बे जिन पर दर्जनों प्रकार के ब्रांड छपे है। इसके अलावा लाखों के उपकरण व मशीनें जब्त कर फैक्ट्री सीज कर दी गई है। देर रात पुलिस ने तीन नामजद व छह अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

पुलिस के अनुसार मौके से दो जनों को हिरासत में ले लिया गया, जबकि अन्य भाग गए। पुलिस ने ट्रेड मार्क अधिनियम, खाद्य सुरक्षा व मानक अधिनियम एवं भादंसं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पकड़े गए घी की कीमत लगभग 70 लाख बताई जा रही है। पकड़े गए माल में बॉक्स पैकिंग में 476 कार्टून, 425 टिन 15 द्मद्द पैकिंग, एक पाम ऑयल का टैंकर व एक ट्रक जप्त किया है। ये लोग राघव ब्रांड, बेस्ट डेरी ब्रांड, सरिता ब्रांड, बेस्ट बेकरी ब्रांड, स्मार्ट ब्रांड आदि नाम का घी पैक करते थे जिनके मार्का लगे डिब्बे मिले हैं।

…ताकि न हो घुसपैठ, बॉर्डर पर ऑपरेशन गर्म हवा शुरू

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बीकानेर/जैसलमेर (अभय इंडिया न्यूज)। पाकिस्तान बॉर्डर से सटे राजस्थान के जैसलमेर जिले में रविवार से सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का ऑपरेशन अलर्ट ‘गर्म हवा’ शुरू हुआ। यह ऑपरेशन 28 अप्रैल तक चलेगा। इसके तहत सीमा चौकियों पर अतिरिक्त जवानों की तैनातगी की गई है। इस ऑपरेशन का मकसद रेगिस्तान में तपती धूप के बीच सीमाओं पर चौकसी के लिए जवानों को तैयार करना है। तेज गर्मी और हवा के चलने वाली आंधियों का फायदा उठाकर सीमा पार से घुसैपठ की आशंका बढ़ जाती। कई बार घुसपैठिये पकड़े भी जाते हैं। घुसैपठियों को रोकने और सीमा की चौकसी करने लिहाज से प्रतिवर्ष गर्मी में यह ऑपरेशन चलता हैं।

पाक सीमा से सटे राजस्थान के जैसलमेर और बाड़मेर जिलों में गर्मी के मौसम में तापमान 50 डिग्री को भी पार कर जाता है। तेज गर्मी के चलते कई बार तो हालात यह हो जाते हैं कि रेत इतनी तप जाती है कि जवान इस पर पापड़ भी सेक लेते हैं। सैन्य सुरक्षा के हिसाब से इस ऑपरेशन को काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। इस ऑपरेशन में पाकिस्तानी सीमा पर पेट्रोलिंग बढ़ाने के साथ ही बीएसएफ के जवान और अधिकारी भी शामिल होते हैं। इसके अतिरिक्त सीमावर्ती पुलिस थानों के जवानों को भी ऑपरेशन में शामिल किया जाता है। इस बीच पुलिस की ओर से सीमावर्ती गांवों में तलाशी अभियान चलाया जाता है। ग्रामीणों को भी सतर्क रहने के लिए जागरूक किया जाता है।

रोचक प्रेम कहानी : लवगुरु को छोड़ गई 30 साल छोटी जूली

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अभय इंडिया डेस्क. पटना में रहने वाले लव गुरु के नाम से प्रसिद्ध हुए मटुकनाथ चौधरी साल 2006 में खुद से 30 साल छोटी छात्रा जूली के साथ संबंधों को लेकर पूरे देश में चर्चा में आ गए थे। वे एक बार फिर चर्चा का विषय बने हुए है। इस बार उनकी जूली उन्हें छोड़ कर जा चुकी है। जूली मटुक नाथ के साथ 2007 से 2014 तक लिव इन रिलेशनशिप में रही। इसके बाद वो पटना से चली गईं। फिलहाल, जूली कहां हैं, इसकी जानकारी खुद मटुकनाथ को भी नहीं है।

मटुक-जूली की प्रेम कहानी : पटना के शास्त्रीनगर मोहल्ले में अपने तीन बेड रूम वाले फ्लैट में अकेले रह रहे मटुकनाथ चौधरी से एक पत्रकार ने पूछा कि क्या उनको कोई पछतावा है? इस पर पहले तो मटुकनाथ हंसे, फिर बोले-‘जूली और मेरे जरिए इतना बड़ा काम हो गया, प्रेम का प्रकाश पूरी दुनिया में फैला, ऐसे में पछतावा कैसा? प्रेम अभी प्राप्त हुआ, ये कल भी प्राप्त हो, इसकी कामना नहीं, लेकिन मिल जाए तो अहो भाग्य।’ जूली और मटुक की पहली मुलाकात साल 2004 में हुई थी। मटुक नाथ पटना के बीएन कॉलेज में पढ़ाते थे और जूली छात्रा थीं। मटुक के अनुसार ‘वो काली पोशाक में क्लास आई थी और करीब सात मिनट लेट थीं, मुझे वो पहली नजर में अच्छी लगी, लेकिन कक्षा में देर से आने वाले विद्यार्थी मुझे पसंद नहीं, इसलिए जूली को मैने डांटा और कहा कि अगर लेट आना है तो मेरी क्लास करना छोड़ दे।’ लेकिन इस पहली डांट से इतर दोनों की नजदीकियां बढ़ीं। मटुक नाथ के मुताबिक उनकी क्लास के दूसरे स्टूडेंट ‘घुसगोलाचार्य’ यानी बेवकूफ़ थे लेकिन जूली उन सबमें बहुत तेज थी, हालांकि जूली की भाषा ‘उल जुलूल’ थी जिसकी आलोचना वो करते रहते थे।

ऐसी बढ़ी नजदीकियां : मटुकनाथ और जूली के बीच नजदीकियां तेजी से बढ़ी। पहली मुलाकात के 6 माह बीतते-बीतते जूली ने मटुक नाथ को प्रेम का प्रस्ताव दिया। आलम ये था कि प्रोफेसर मटुक नाथ ने पहला मोबाइल फोन खरीदा ताकि वो जूली से बात कर सकें, बाद में दोनों की कॉलेज के बाहर मुलाकात होने लगी। मटुक बताते हैं, ‘बहुत मुश्किल था, एक अधेड़ उम्र का आदमी एक जवान लड़की के साथ पार्क में बैठ जाए तो लोगों की नजरें उसे घूरती रहती हैं, उस वक्त ऐसा लगता है कि पटना में कोई एकांत प्रेमियों के लिए नहीं है।’

मटुक को नहीं कोई हिचक : मटुक नाथ भी अपने प्रेम संबंधों को बेहिचक स्वीकारते हैं। वो बताते हैं कि 1978 में आभा से शादी हुई लेकिन दो साल बाद ही उन्हें अधूरापन सा लगने लगा। बकौल मटुक नाथ- मैंने उसी वक्त तय कर लिया कि मैं किसी दूसरी स्त्री के पास जाऊंगा। जूली से पहले मुझे दो बार प्रेम हुआ, 1981 में एक छात्रा से और फिर एक बार 1994 में एक महिला से घनघोर प्रेम हुआ जिसके टूट जाने पर मैं 3 साल तक विक्षिप्त हालत में रहा।

आभा ने कर ली कानून की पढ़ाई : मटुक नाथ की पत्नी आभा चौधरी ने मटुक के जाने के बाद 53 साल की उम्र में कानून की पढ़ाई की। आभा अपने इस फैसले के बारे में बहुत फख़्र से बताती है कि 2007 से ही कोर्ट के चक्कर लगाना शुरू किया लेकिन वहां जाकर बेवकूफ की तरह बैठे रहते थे, इसलिए अपनी लड़ाई लडऩे के लिए लॉ ग्रेजुएट हुई और अपने मामले को बेहतर तरीके से समझ पाईए अभी भी प्रोफेसर साहब (मटुक नाथ) से जो पैसे मिलेंगे वो मैं पति से परेशान पत्नियों की मदद पर ही खर्च करूंगी।

बनी रहेगी ये प्यास : फिलहाल, मटुक नाथ और आभा चौधरी पटना शहर के दो अलग-अलग कोनों पर रह रहे हैं। वहीं मटुक नाथ के मुताबिक जूली अध्यात्म की तरफ जा चुकी हैं। वो अपने प्रेम संबंध पर कहते है, जूली के साथ मन से मेरा अलगाव नहीं हुआ है, हमारा प्रेम चालू है, बस हम दोनों ने अलग-अलग रहने का फैसला किया है, बाकी प्रेम की प्यास तो मेरे भीतर जीवन भर बनी रहेगी।

डिविलयर्स ने मारा ऐसा छक्का कि देखते रह गए कोहली

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अभय इंडिया डेस्क. इंडियन प्रीमियर लीग 2018 के 19वें मैच में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने दिल्ली डेयरडेविल्स को छह विकेट से हरा दिया। एबी डिविलियर्स ने 39 गेंदों में नाबाद 90 रनों की शानदार पारी खेली। डिविलियर्स एक ऐसा शानदार छक्का मारा कि विराट कोहली भी देखते रह गए। डिविलियर्स ने 39 गेंदों पर 10 चौके और पांच छक्के जमाए। इस मैदान पर दिल्ली के खिलाफ डिविलियर्स का यह सर्वोच्च स्कोर है। इसके अलावा आईपीएल में रनों का पीछा करते हुए उनका यह सर्वश्रेष्ठ स्कोर है।

दिल्ली ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में पांच विकेट पर 174 रन का मजबूत स्कोर बनाया था। इसके जवाब में बैंगलोर ने 18 ओवर में चार विकेट पर 176 रन बनाकर आसानी से हासिल कर लिया। डिवलियर्स के साथ कप्तान विराट कोहली ने 63 रनों की साझेदारी की। कोहली ने 26 गेंदों पर 30 रन बनाए। इसमें उन्होंने दो चौके और एक छक्का लगाया। उनके आउट होने के बाद कोरी एंडरसन ने 13 गेंदों पर 15 और मनदीप सिंह ने 9 गेंदों पर नाबाद 17 रन बनाए।

कोहली के आउट होने के बाद एक समय दिल्ली को जीत की संभावना नजर आ रही थी, मगर डिविलियर्स ने अपने स्ट्रोक प्ले से उसे खत्म कर दिया। उन्होंने अच्छी गेंदों पर भी शॉट्स खेले और तेजी से रन बटोरे। मैच 15वें ओवर में था और को 34 गेंदों पर 48 रन चाहिए थे। गेंदबाजी करने आए क्रिस मॉरिस को डिविलिर्स ने सीधा उठाकर सामने मारा। गेंद कमेंट्री बॉक्स से थोड़ा ही दूर जाकर गिरी। शॉट और गेंद की दूरी देखकर कोहली हैरान नजर आए और फिर तालियां बजाने लगे। इससे पहले युवा बल्लेबाज ऋषभ पंत के 85 और श्रेयस अय्यर के 52 रन की उपयोगी पारियों के दम पर दिल्ली डेयरडेविल्स ने पांच विकेट पर 174 रन का ठीक स्कोर बनाया लेकिन उसके गेंदबाज इस स्कोर का बचाव नहीं कर पाए।

इनकम टैक्स ऑफिस में चोरों ने बोला धावा

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कोटा (अभय इंडिया न्यूज)। इनकम टैक्स के ऑफिस में बीती रात चोरों ने धावा बोल दिया। वे लॉकर में रखे करीब सवा दो करोड़ रुपए की कीमत का सोना चोरी कर ले गए। इस वारदात को अंजाम देने से पहले चोरों ने सीसीटीवी कैमरे भी तोड़ दिए। घटना की जानकारी के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। शुरूआती जांच में पता चला है है कि जो सवा दो करोड़ का सोना चोरी हुआ है वो दो दिन पहले ही ऑफिस में पहुंचा था।

विभाग की टीम ने एक सर्राफा व्यवसायी के यहां से इसे जप्त किया था। करोड़ों का सोना चोरी होने की सूचना से समूचा पुलिस महकमा अलर्ट हो गया है। चोरों की तलाश के लिए नाकेबंदी की गई है, लेकिन अभी तक उनका कहीं सुराग नहीं मिला है। जानकारी के अनुसार चार दिन पहले कैलाशचंद माणकचंद ज्वैलर के यहां से आयकर विभाग ने सर्वे किया था। साथ ही करीब सवा दो करोड़ रुपए की ज्वैलरी को जप्त कर टीम लेकर आई थी। सूत्रों के मुताबिक यह सोना आयकर विभाग के सहायक निदेशक ए. एल. मीणा के कमरे में रखा हुआ था। यहां पर दो अज्ञात चोर पहुंचे और शातिराना अंदाज में ऑफिस में प्रवेश कर मीणा के कमरे की अलमारी में रखा हुआ सोना चुरा ले गए। इस दरम्यान उन्होंने पहचान छिपाने के मकसद से आयकर विभाग ऑफिस में लगे सीसीटीवी कैमरे भी तोड़ दिए।

चोरी की सूचना मिलने पर जवाहर नगर थाना अधिकारी और पुलिस उप अधीक्षक सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। साथ ही गहनता से छानबीन कर से पूरे मामले की जांच की। घटना के खुलासे के बाद रेंज के प्रधान आयकर आयुक्त एम. रघुवीर ने जांच कमेटी गठित की है। इस मामले में अधीनस्थ अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध नजर आ रही है, लिहाजा पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।