बीकानेर Abhayindia.com भारतीय जनता पार्टी देहात ने शुक्रवार को काला दिवस मनाया। इस मौके पर 1975 तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी केे कार्यकाल में घोषित हुए आपाताकाल को लेकर रोष जताया गया।
पत्रकारों से रूबरू होते हुए नोखा विधायक बिहारीलाल बिश्नोई ने कहा कि 1975 में कांग्रेस ने आपातकाल लागू किया था, जिसमें प्रेस पर रोक लगाई लोगों को जेलों में डाल दिया गया। मूल अधिकारों पर रोक लगाई, विधायक ने आरोप लगाया कि आपातकाल कांग्रेस सरकार ने इस कारण लगाया था क्योंकि भ्रष्ट्राचार के विषय पर दिसम्बर 1973 में गुजरात में इंजीनियरिंग कॉलेज से आन्दोलन शुरू हुआ जो बढ़ते हुए बिहार पहुंचा।
जहां पर छात्रों ने बीडा उठायाा। जेपी आंदोलन 5 जून 1974 के दिन पटना के गांधी मैदान में संपूर्ण क्रांति के रूप में परिवर्तित हो गया। पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में जयप्रकाश नारायण ने संपूर्ण क्रांति का आह्वान किया था। जयप्रकाश नारायण की हुंकार पर नौजवानों का जत्था सड़कों पर निकल पड़ता था। बिहार से उठी सम्पूर्ण क्रांति की चिंगारी देश के कोने-कोने में आग बनकर भड़क उठी।
जे पी नारायण ने सरकार के खिलाफ जन जागरण के लिए लोक संघर्ष समिति बनाई। विधायक ने कहा कि उस दौर में इंदिरा का निर्णय अनैतिक था,आपातकाल के दौरान बहुत यातनाएं दी गईं जिसके तहत 26 जून 1975 को जयप्रकाश नारायण, मोरारजी देसाई समेत बड़े नेताओं को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। भाजपा के अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवानी सहित कई कार्यकर्ताओं को बिना कारण के जेल में
डाल दिया गया।
बीकानेर में 15 अगस्त को किशोर छात्रों ने सत्याग्रह किया। आपातकाल के विरोध में नारे लगाए व भारतमाता की जय बोली। उन्हें गिरफ्तार कर थाने में ले गए, उनके साथ मारपीट भी की गई। अवयस्क बालकों पर भी पुलिस अधिकारियों को रहम नहीं अया।
देहात जिलाध्यक्ष ताराचंद सारस्वत ने कहा कि हजारों स्वयंसेवकों ने आपातकाल हटाने के लिए सत्याग्रह कर गिरफ्तारियां दी। आपातकाल में लोकतंत्र की हत्या हुई। इस प्रकार 19 माह तक आपातकाल का संघर्ष चला। उसी दिन को आज काला दिवस के रूप में मनाते है। प्रेस वार्ता में महामंत्री कुम्भाराम सिद्ध, जिला मंत्री देवीलाल व संभाग मीडिया प्रभारी मुकेश आचार्य उपस्थित रहे।
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