बीकानेर में रसूखदारों पर नहीं चलता जोर!

बीकानेर (अभय इंडिया न्यूज)।  अतिक्रमण हटाने के मामले को लेकर बीकानेर में रसूखदारी आज भी जिंदा है। इस पर कोई आंच नहीं आ सकती। तभी तो जस्सूसर गेट क्षेत्र में महज एक ही दुकान पर नगर निगम का डंडा चल पाया। यदि रसूखदारी न होती तो शायद यह डंडा औरों पर भी चलता। क्योंकि जिस दुकानदार ने नियम तोड़ कर अवैध निर्माण कराया, वैसा काम तो औरों ने भी कर दिखाया है, फिर कार्रवाई महज एक दुकानदार पर ही क्यों की गई? इस सवाल का जवाब निगम का कोई भी कारिंदा देने का तैयार नहीं है।

नगर निगम के लवाजमे ने कुछ दिन पहले जस्सूसर गेट क्षेत्र में एक दुकानदार द्वारा शफील (चारदीवारी) से सटते हुए अवैध रूप से दुकान की बालकनी का निर्माण कर रखा था। निगम ने पुरातत्व महत्व की दीवार को नुकसान पहुंचाने का हवाला देते हुए उक्त् दुकानदार को नोटिस थमा दिया। इसके बावजूद उसने निर्माण नहीं हटाया तो निगम के अफसर पूरे लवाजमे के साथ मौके पर धमक गए। तब दुकानदार ने अपने स्तर पर ही बालकनी को तुड़वाना शुरू कर दिया। इस दरम्यान क्षेत्र के लोगों ने निगम के अफसरों को यह कहते हुए खूब खरी-खरी सुना दी कि आप केवल आम व्यक्ति के विरुद्ध ही कार्रवाई करोगे या फिर रसूखदारों के खिलाफ भी? असल में, जस्सूसर रोड पर कई दुकानदारों ने शफील को तोड़कर या दुकानें के पीछे स्थित नाले पर अवैध निर्माण करवा रखे हैं, लेकिन निगम प्रशासन उन पर हाथ नहीं डाल रहा है, क्योंकि वे राजनैतिक रसूखात रखने वाले लोग है।

नगर निगम की इस दोगली नीति की अब लोग खुलकर आलोचना करने लगे है। निगम के महापौर इस बात से अनजान है या नहीं, लेकिन इस समूचे माजरे के चलते उनकी फजीहत भी कम नहीं हो रही है। आखिर कोई काम नियम विरुद्ध हो रहा है कि कार्रवाई एकाध पर ही क्यों होती है, सब के विरुद्ध समान रूप से कार्रवाई क्यों नहीं होती? यह सवाल अब तेजी से सुलगने लगा है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि जस्सूसर गेट पर निगम की दुकानों के पीछे के क्षेत्र में बड़े पैमान पर अवैध निर्माण हो रहे रखे हैं। एक व्यक्ति ने तो सड़क के लगभग आधे हिस्से पर अतिक्रमण कर रखा है तथा बिजली के खंभे भी उसके घर की चारदीवारी में आ गए है। निगम के अफसरों ने जब एक दुकानदार पर कार्रवाई शुरू की तब लोगों ने उन्हें इस मौके से भी अवगत कराया था, लेकिन तब उनके कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। इससे साफ पता चलता है कि निगम के अफसर पर कार्रवाई को लेकर मनमानी पर उतरे हुए हैं।