







बीकानेर Abhayindia.com बीकानेर नगर निगम में डिप्टी मेयर चुनाव के बाद अब जुबानी जंग शुरू हो गई है। 42 पार्षदों के साथ सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद कांग्रेस अपना उप-महापौर नहीं बना पाई, जिसके बाद पूर्व मंत्री डॉ. बीडी कल्ला ने हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप लगा दिया है।
कल्ला बोले- हॉर्स ट्रेडिंग हुई, जांच होगी
हार के बाद पूर्व मंत्री डॉ. बीडी कल्ला ने कहा- “42 पार्षदों के साथ भी हम उप-महापौर नहीं बना पाए, यह साफ तौर पर हॉर्स ट्रेडिंग है। पार्टी इसकी जांच करेगी कि किसने कहां गलती की, किसने क्रॉस वोटिंग की, उस पर कार्रवाई होगी।”
कल्ला के अनुसार, कल उनके भतीजे अनिल कल्ला को मेयर चुनाव में 50 वोट मिले थे, आज नसीम बानो को केवल 38 वोट मिले, एक वोट NOTA को गया और एक वोट खारिज हुआ। यानी कल के मुकाबले आज 12 वोट कम हो गए, जबकि भाजपा के पंकज गहलोत को 40 वोट मिले।
जेठानंद व्यास का तीखा पलटवार
डॉ. कल्ला के आरोपों पर विधायक जेठानंद व्यास ने पलटवार करते हुए कहा- “बीडी कल्ला आज के चुनाव में सक्रिय नहीं रहे, क्योंकि आज उनका कार्यकर्ता चुनाव लड़ रहा था। कल वे अपने भतीजे के साथ एजेंट के तौर पर डटे रहे। इससे साफ है कि वे परिवारवाद के साथ हैं, कार्यकर्ता के साथ नहीं।” व्यास ने कहा कि भाजपा ने कोई खरीद-फरोख्त नहीं की, पार्षदों ने अपनी अंतरात्मा से विकास के नाम पर वोट दिया है।
50 से 38 तक कैसे सिमटी कांग्रेस?
बीकानेर नगर निगम में कांग्रेस के पास 42 पार्षद थे और निर्दलीयों के साथ मिलकर यह आंकड़ा 50 तक पहुंच गया था। कल मेयर चुनाव में यही 50 वोट अनिल कल्ला को मिले थे। लेकिन आज उप-महापौर चुनाव में- पंकज गहलोत (भाजपा) – 40 वोट, नसीम बानो (कांग्रेस) – 38, NOTA – 1, खारिज – 1 आया है। यानी कांग्रेस के अपने ही 12 वोट टूट गए। अब नगर निगम में अजीब स्थिति बन गई है – मेयर कांग्रेस का, डिप्टी मेयर भाजपा का।







