बीकानेर में योगी : 37 मिनट का उद्बोधन, जय श्रीराम के उद्घोष से गूंजा मठ

बीकानेर के श्रीनवलेश्वर मठ सिद्धपीठ में उद्बोधन देते उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ। फोटो : दाऊ नवल व्यास
बीकानेर के श्रीनवलेश्वर मठ सिद्धपीठ में उद्बोधन देते उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ। फोटो : दाऊ नवल व्यास

बीकानेर (अभय इंडिया न्यूज)। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को यहां श्रीनवलेश्वर मठ सिद्धपीठ में योगी मत्स्येंद्रनाथजी, योगी गुरु गोरक्षनाथ व भगवान श्रीआदित्यदेव की प्रतिमाओं के अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राजनैतिक एकता भले ही कमजोर हो, सांस्कृतिक एकता बरकरार रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि धर्मस्थल उपासना के नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकात्मकता के भी स्थल है। योगी ने कहा कि प्रत्येक नागरिक के लिए धर्मस्थल खुले रहने चाहिए, यह आज के समय की जरुरत है।

इस अवसर पर मंच पर उनके साथ योगी महासभा के महामंत्री चेताईनाथ व उपाध्यक्ष योगी बालकनाथ सहित केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल भी मौजूद रहे। मठ के मठाधीश्वर योगी शिवसत्यनाथजी महाराज के सान्निध्य में हुए इस कार्यक्रम में सभी का स्वागत मठ संत योगी प्रहलादनाथ ज्ञानी ने किया। अपने अल्प समय के इस निजी कार्यक्रम में योगी आदित्यनाथ ने 37 मिनट के प्रभावी उद्बोधन में कहा कि प्रयत्न करने वालों की कभी हार नहीं होती है। उन्होंने मठ के मठाधीश्वर योगी शिवसत्यनाथ व योगी प्रहलादनाथ का जिक्र करते हुए कहा कि इनकी साधना की शक्ति का परिणाम है कि हम यहां आज आ पाए हैं।

योगी ने कहा कि भारत देश सनातन धर्म सिद्धियों से भरा पड़ा है। यहां के सिद्धों, शक्तिपीठों व दैवीय शक्तियों ने हर युग-कालखण्डों में चमत्कृत किया है। तत्वज्ञान को बढ़ावा दिए जाने की हिमाकत करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नाथ संप्रदाय परंपरा ने भी समाज को नई दिशा देने में, लोककल्याण व धर्म के शाश्वत मूल्यों की रक्षा के लिए योगियों व संतों ने जीवन लगाया है। उन्होंने महापुरुषों के जीवन का उदाहरणीय बताया व कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन आदर्शमय रहा है। प्रसंगवश वे बोले कि जनता शासन के सामने केवल मांगे ही नहीं रखे, बल्कि समाधान में जनसहभागिता के रुप में आगे आए।

उन्होंने उपस्थित जनसमूह के जय श्रीराम-जय श्रीराम के उद्घोष के प्रत्युत्तर में कहा कि वे जानते है कि राम के नाम पर आपकी क्या चाहत है, आपकी भावनाएं साकार रुप ले इसके लिए देशभर में प्रत्येक घर में छह नवंबर को एक दीपक राम नाम का जलना चाहिए। बहुत जल्दी ही काम भी होगा। कोई भी काम संकल्पित होगा तो वह साकार रुप भी लेगा, इसके लिए यह समय उचित है।

मठाधीश्वर योगी शिवसत्यनाथ ने योगी गोरक्षनाथजी के नशे के निषेध के नियम की जानकारी देते हुए नशे को नाश का कारण बताया। कार्यक्रम में योगी प्रहलादनाथ की आध्यात्मिक पुस्तक संपूर्ण हृदय स्तोत्र का लोकार्पण भी योगी सहित अनेक अतिथियों ने किया।

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