मुख्यमंत्री के रूप में येद्दयुरप्पा खेलेंगे तीसरी पारी

289
karnatak cm Yeddyurappa
karnatak cm Yeddyurappa

karnatak cm

राजभवन के बाहर सुबह से ही भाजपा कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ जुटना शुरू हो गई थी। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता राजभवन पहुंचे। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह शामिल नहीं हुए। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से पूर्व येद्दयुरप्पा ने राधा-कृष्ण मंदिर में पूजा-अर्चना की। शपथ लेने के बाद येद्दयुरप्पा के समक्ष सदन में बहुमत साबित करने की चुनौती होगी। उन्हें आगामी एक पखवाड़े में विधानसभा में बहुमत साबित करना होगा। इसलिए यह कयास लगाए जा रहे हैं कि अभी कर्नाटक में सियासी ड्रामा खत्म नहीं हुआ है।

गौरतलब है कि मंगलवार को त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति बनने के साथ ही बेंगलुरु में शह और मात का खेल शुरू हो गया था। दूसरे नंबर पर खड़ी कांग्रेस ने तत्काल तीसरे नंबर की पार्टी जदएस के नेता कुमारस्वामी को मुख्यमंत्री बनाने का न्योता देकर भाजपा की राह रोकने की कोशिश की थी। भाजपा की ओर से भी राज्यपाल के समक्ष दावा किया गया था। बताया जाता हैं कि मंगलवार की शाम से बुधवार की शाम तक राज्यपाल ने कई कानूनी विशेषज्ञों से राय-मशविरा किया। जमीनी स्तर से आ रही खबरों के हवाले से यह परखने की कोशिश भी की कि कौनसा धड़ा स्थायी सरकार दे सकता है।

सूत्रों की मानें तो कांग्रेस और जद (एस) के संयुक्त दावे से पहले राज्यपाल ने भाजपा को बुलावा देने का मन इसलिए भी बनाया, क्योंकि उनका चुनाव पूर्व गठबंधन नहीं था। चूंकि कर्नाटक में राजनीतिक तेवर गरम है। इस आशंका से भी इनकार नहीं है कि जदएस व कांग्रेस कार्यकर्ता की नाराजगी से अशांति फैल सकती है। लिहाजा भाजपा नेतृत्व ने गुरुवार की सुबह ही नौ बजे शपथ ग्रहण का फैसला लिया गया।