हम भी पहचान सकते हैं इस गंभीर रोग के लक्षण

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बीकानेर (अभय इंडिया)। जब तक प्रभावी तरीके से हम यह नहीं बता सकते हैं कि हर प्रकार के कैंसर का कारण क्या होता है, तब तक हम सबसे आम लक्षणों को समझने की कोशिश कर सकते हैं। हमारे शरीर को जानने और उस पर ध्यान देकर हम कैंसर को लक्षणों को पहचान सकेंगे।
ये दर्द भी कुछ कहता है : काम की अधिकता और गलत तरीके से बैठने के कारण बदन में दर्द होना सामान्य है। मगर, लगातार पीठ में दर्द हो रहा हो, तो यह कोलोरेक्टल या प्रोस्टेट कैंसर का कारण हो सकता है। इसके अलावा कमर के आसपास की मांसपेशियों में भी दर्द होता है। बिना वजह ही जरूरत से ज्यादा थकान लगती है, तो यह भी कैंसर का शुरुआती लक्षण हो सकता है।
वजन कम होना : अगर बिना किसी कारण के आपका वजन कम हो रहा है, तो कैंसर का शुरूआती लक्षण हो सकता है। भूख लगने में कमी होना, ज्यादा खाना नहीं खा पाना भी इसके लक्षण है। यदि बिना किसी प्रयास के शरीर का वजन चार-पांच किलो से ज्यादा कम हो जाए, तो इसे कैंसर के प्राथमिक लक्षण हो सकता है।
लगातार खांसी आना : कोल्ड और लू के अलावा धूम्रपान करने वालों को खांसी आती है। मगर, बिना किसी कारण से लगातार खांसी आये तो यह लंग कैंसर का शुरुआती लक्षण हो सकता है। अगर खांसी के साथ खून भी आए तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए। गले में तकलीफ होने पर, खाना निगलने में परेशानी होने पर डॉक्टर से संपर्क करें।
सीने में जलन और अपच : सीने में जलन और अपच दोनों अपेक्षाकृत आम समस्याएं हैं। खासतौर पर ज्यादा खाना खाने, मसालेदार खाना खाने से ऐसा होना आम है। मगर जब ऐसा लगातार हो रहा है, तो ये लक्षण चिंता का कारण बन जाते हैं।
आंत में समस्या : आंतों में सामान्य समस्या होना बड़ी बात नहीं, लेकिन अगर लगातार आंतों में समस्या है तो यह कोलेन या कोलोरेक्टल कैंसर का शुरुआती लक्षण हो सकता है। डायरिया और अपच की समस्या इस लक्षण को दर्शाते हैं। इसके कारण पेट में गैस और पेट में दर्द की समस्या भी हो सकती है।
खून का बहना : लगातार खून का बहना भी कैंसर का लक्षण हो सकता है। अगर कैंसर की संभावना है तो इसके कारण खून मलाशय के द्वारा बाहर निकलता है। यह कोलेन कैंसर का लक्षण है। इसके साथ ही यदि मल-मूत्र त्यागने के समय अगर पीड़ा होती है या मूत्र में रक्त की मौजूदगी पाई जाती हो तो ये प्रोस्टेट कैंसर अथवा डि बग्रंथि कैंसर के लक्षण हो सकते हैं। महिलाओं में अगर मासिक चक्र के बाद भी रक्त स्राव नहीं रुकता है, तो महिलाओं को ध्यान देने की जरूरत है।
बचना है तो बस खाएं करेला : फल, सब्जियां, साबुत अनाज और फलियों से बना संतुलित आहार, आवश्यक विटामिन और मिनरल स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। लेकिन आपको आश्चर्य होगा कि इनमें से एक ऐसी चीज है जो कि कैंसर को मात दे सकती है। आपको करेला खाने में भले ही कड़वा लगे लेकिन इस बड़े फायदे हैं। अगर आप अपने खाने में करेले का सेवन करते हैं, तो कैंसर का इलाज हो सकता है। रोजाना एक गिलास करेले का ज्यूस पीने से अग्नाशय का कैंसर पैदा करने वाली कोशिकाएं नष्ट होती है। -डॉ. प्रीति गुप्ता, आयु मंत्रा एडवांस्ड साइंटिफिक आयुर्वेदिक एंड पंचकर्म हॉस्पीटल, रिलायंस फ्रेश के सामने, पवनपुरी, बीकानेर मोबाइल 9610089537