बिना शल्य चिकित्सा दिल हुआ दुरुस्त, रोगी को दो दिन में मिल गई छुट्टी

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बीकानेर के फोर्टिस अस्पताल में इलाज के बाद रोगी रामलाल के साथ डॉ. रामेश्वर बिश्नोई।
बीकानेर के फोर्टिस अस्पताल में इलाज के बाद रोगी रामलाल के साथ डॉ. रामेश्वर बिश्नोई।

बीकानेर (अभय इंडिया न्यूज)। रानी बाजार स्थित फोर्टिस डीटीएम अस्पताल में पहली बार जन्मजात हृदय रोग (कोंजेनाइटल हार्ट डिजीज) का इलाज संभव हुआ। बिना शल्य चिकित्सा रोगी रामलाल का हृदय दुरुस्त हो गया और महज दो दिन बाद ही उसे छुट्टी दे दी गई। फोर्टिस बीकानेर के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. रामेश्वर बिश्नोई ने 67 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक के जन्मजात हृदय रोग का सरलता पूर्वक पीडीए डिवाइस क्लोजर तकनीक द्वारा सफल इलाज संभव किया है।

आम तौर पर जन्मजात हृदय रोग का पता कम उम्र ही में लग जाता है, लेकिन बहुत कम ही मामले ऐसे होते हैं जिनमे जन्मजात हृदय रोगों का पता अधिक उम्र के दौरान चलता है। अल्प उम्र में इन रोगों का इलाज आज के समय में आसानी से संभव है, वहीं अधिक उम्र के रोगी में सामान्यत: नहीं के बराबर मामलों में इलाज संभव हो पाता है। ऐसे मामलों में अक्सर यह पाया गया है कि अधिक उम्र के रोगियों में जन्मजात हृदय रोगों का पता चलने पर बिना किसी इलाज अथवा बिना पीडीए डिवाइस क्लोजर तकनीक का सहारा लिए ही छोड़ दिया जाता है।

67 वर्षीय रामलाल के साथ भी ऐसा ही हुआ की पहले तो उनको लम्बे समय से सांस फूलने जैसी दिक्कत आ रही थी, फिर जब उन्होंने अन्य अस्पतालों में जाँच करवाई तो उनके हृदय में 2 छेद के साथ ही हृदय कमजोर होना बताया गया। इलाज के रूप में ओपन हार्ट सर्जरी की सलाह दी गई। वहीं जब रामलाल ने डॉ. बिश्नोई से संपर्क किया तो उन्होंने अपनी जाँच में उनके हृदय में केवल एक छेद ही पाया, साथ ही दिल की कमजोरी भी पाई। फिर डॉ. बिश्नोई ने रोगी की सही तरीके से अन्य जांच करके उक्त रोगी को पीडीए डिवाइस क्लोजर के लिए उपयुक्त पाते हुए रोगी के छेद को बिना किसी शल्य चिकित्सा अथवा बिना किसी ओपन हार्ट सर्जरी के सफलतापूर्वक बंद कर दिया। रामलाल को भामाशाह सुविधा के अंतर्गत अस्पताल में निशुल्क इलाज मिला तथा महज दो दिन की देखभाल के बाद स्वास्थ्य में सुधर पाए जाने पर छुट्टी देकर घर भेज दिया गया।

चिकित्सा जगत में मौजूद शोध और स्टडीज के अनुसार अधिक उम्र में जन्मजात हृदय रोग का पाया जाना और पीडीए डिवाइस क्लोजर तकनीक द्वारा उसका समाधान लगभग नगण्य है। फोर्टिस बीकानेर में हुआ यह पीडीए क्लोजर अधिक उम्र के मरीज में समाधान के रूप में संभवतया तकनीकी रूप से रिपोर्टेड पहला मामला है।

अस्पताल के डायरेक्टर ऋषि कपूर ने बताया की हृदय रोग चिकित्सा में नवीन तकनीक और दक्ष चिकित्सकों के सहयोग से इलाज में आने वाली वित्तीय बाधाओं को दूर करते हुए जटिल से जटिल समस्या का समाधान उचित दरों पर बीकानेर के भीतर मुहैया करवाने के लिए फोर्टिस प्रतिबद्ध है।