उत्कृष्ट शिक्षा के लिए राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों के वीसी को बताए सूत्र

126
Rajasthan Governorl kalyan singh file photo
Rajasthan Governorl kalyan singh file photo

जयपुर (अभय इंडिया न्यूज)। राजस्थान के राज्यपाल एवं कुलाधिपति कल्याण सिंह ने राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को उच्च शिक्षा में उत्कृष्टता लाने के लिए 12 सूत्रीय विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। राज्यपाल सिंह ने इन बारह सूत्री कार्यक्रम में विश्वविद्यालयों में अध्ययन-अध्यापन के साथ सामाजिक, पर्यावरण संरक्षण और छात्र-छात्राओं में व्यवस्थित जीवन शैली के संस्कार बीजारोपित करने पर विशेष बल दिया है। इस आशय का एक परिपत्र बुधवार को राजभवन से राज्य के सभी राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को भेजा गया है।

राज्यपाल सिंह ने कहा है कि विश्वविद्यालयों में पाठ्यक्रम समीक्षा समितियों की नियमित बैठकें आयोजित की जाएं। उन्होंने कहा है कि पाठ्यक्रम अद्यतन किये जाएंं। पाठ्यक्रम समीचीन एवं सीखने की अभिरूचि की ओर प्रेरित करने वाले होने चाहिए। राज्यपाल ने विद्यार्थियों के लिए शंका निवारण सत्र (ष्ठशह्वड्ढह्ल स्द्गह्यह्यद्बशठ्ठ) का आयोजन नियमित रूप से किये जाने पर जोर दिया है। राज्यपाल ने शोध कार्यों की गुणवत्ता के लिए शोधपत्रों को राष्ट्रीय और अन्तरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशन को मानक माना है।

कुलाधिपति सिंह ने बायोमैट्रिक पद्वति से शैक्षणिक व अशैक्षणिक कार्मिकों की उपस्थिति को दर्ज किये जाने की गहन समीक्षा करने एवं उस पर सतत निगाह रखने के निर्देश भी कुलपतियों को दिये हैं। उन्होंने कहा है कि बायोमेट्रिक से उपस्थिति दर्ज न करने वाले कार्मिकों के विरूद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाए। राज्यपाल ने विद्यार्थियों की उपस्थिति को सुनिश्चित करने के लिए डाक, ई-मेल, एस.एम.एस., वेबसाईट के माध्यम से अभिभावकों को सूचना देने की व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर बल दिया है।

राज्यपाल सिंह ने विश्वविद्यालयों के परिसरों को प्लास्टिक मुक्त, हरा-भरा एवं स्वच्छ बनाने के लिए कहा है। उन्होंने वर्षा ऋतु में विश्वविद्यालयों और सम्बद्ध महाविद्यालयों में सघन वृक्षारोपण करवाये जाने की आवश्यकता जताई है। स्वच्छ भारत अभियान के तहत परिसर को स्वच्छ व साफ-सुथरा रखने, विश्व पर्यावरण दिवस की थीम ‘बीट प्लास्टिक पॉल्यूशनÓ के अन्तर्गत विश्वविद्यालय परिसर में सिंगल यूज प्लास्टिक को तात्कालिक प्रभाव से निषेध करनें के आदेश ने दिये हैं।

जल संरक्षण पर बल देते हुए राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के समस्त भवनों एवं सम्पूर्ण परिसर का आछादन रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम से किये जाने की बात कही है। परिसर में स्वच्छ पेयजल के लिए वाटर प्यूरीफायर, आर.ओ. और वाटर कूलर की स्थापना तथा उचित संधारण की व्यवस्था के निर्देश भी कुलाधिपति सिंह ने कुलपतियों को दिये है।

राज्यपाल ने कहा है कि विश्वविद्यालय अपने परिसर में गैर परम्परागत ऊर्जा स्त्रोतों से अपनी विद्युत सम्बन्धी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए सौर/पवन ऊर्जा की स्थापना करें। उन्होंने कहा है कि छात्रावासों में अनाधिकृत रूप से रह रहे व्यक्तियों के विरूद्ध कठोरतम कार्यवाही सुनिश्चित की जावे। राज्यपाल ने मैस में भोजन की पौष्टिकता, निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्ता व हाईजिन के उत्तम मानकों का पालन करने के लिए कुलपतियों का विशेष रूप से ध्यानाकर्षण किया है।

कुलाधिपति सिंह ने महिला छात्रावासों में महिला वार्डन नियुक्त कर वहाँ सुरक्षा एवं भयमुक्त वातावरण की सारी व्यवस्थाएं दुरूस्त करने के निर्देश दिये है। उन्होंने कहा है कि कुलपति छात्रावासों का औचक निरीक्षण करें और विद्यार्थियों को व्यवस्थित जीवन शैली के लिए भी प्रेरित करें। कुलाधिपति ने राजभवन द्वारा जारी अकादमिक एवं अवकाश कलैण्डर की अक्षरश: पालना की अपेक्षा कुलपतियों से की है। महात्मा गांधी की 150वीं जयन्ती पर विश्वविद्यालयों को सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए कुलाधिपति ने बहुमूल्य सुझाव परिपत्र में कुलपतियों को दिये हैं।

स्मार्ट विलेज इनिशिएटिव के अन्तर्गत विश्वविद्यालयों द्वारा गोद लिये गांवों में ग्रामवासियों के जीवन स्तर में आए परिवर्तन/सुधार के सम्बन्ध में इम्पैक्ट एसेसमेन्ट कराने के लिए कुलाधिपति ने कहा है। राज्यपाल ने कहा है कि वरिष्ठ प्रोफेसर्स एवं छात्र-छात्राओं को वर्ष में दो बार गांवों के भ्रमण पर भेजा जाए। गोद लिये गांवों में वर्षा ऋतु के दृष्टिगत तालाब निर्माण की क्षमता में बढ़ोतरी अथवा नये तालाब के निर्माण की आवश्यकता का आंकलन कर उसे क्रियान्वित करने के लिए भी राज्यपाल ने कहा है। कुलाधिपति ने कुलपतियों को सुझाव दिया है कि तालाब की मिट्टी का कॉम्पेक्शन किया जाए तथा वन विभाग, ग्रामीण विकास विभाग एवं मनरेगा की गाईडलाइन्स के अनुसार काम को प्राथमिकता के आधार पर अंजाम दिया जाए।

12 सूत्रीय योजना के क्रियान्वयन और मॉनिटरिंग की चाक-चौबन्द व्यवस्था भी राज्यपाल ने की है। उन्होंने कुलपतियों को औचक निरीक्षण करने व टीम गठित कर योजनाओं को क्रियान्वित करने के सख्त निर्देश दिये हैं। समस्त बिन्दुओं पर रिपोर्ट प्रत्येक माह की 30 तारीख तक राजभवन प्रेषित करने के निर्देश कुलाधिपति ने दिये है। कुलाधिपति इस 12 सूत्रीय कार्यक्रम को लेकर गम्भीर है। उन्होंने इन 12 सूत्रों को कुलपति समन्वय समिति की बैठक में स्थायी रूप से शामिल कराया है। उच्च शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए राज्यपाल कल्याण सिंह ने राज्य में पदभार संभालने के बाद से ही गहन प्रयास किये हैं। उनके प्रयासों केे सकारात्मक परिणाम भी आए हैं।