टिकट कटता देख तीसरे मोर्चे को पकड़ेंगे दावेदार, 25 प्रतिशत सीट पर असर

Third Front
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जयपुर (अभय इंडिया न्यूज) प्रदेश में विधानसभा चुनाव में भाजपा-कांग्रेस में टिकट के लिए दौड़-धूप कर रहे हैं कई दावेदार अब हनुमान बेनीवाल और बसपा से नजदीकियां बढ़ाने में लग गए है। ऐसे दावेदार खुद का टिकट कटता देख पहले से ही तीसरे मोर्चे से अपनी जगह तय करना चाहते है। कोई नेता जाट वोट बैंक साधने के लिए हनुमान बेनीवाल से जुडऩा चाहता है तो कोई दलित वोट बैंक का आधार मजबूत करने के लिए बसपा से नाता जोडऩे जा रहा है। यदि बेनीवाल की पार्टी, बसपा, घनश्याम तिवाड़ी की पार्टी मिलकर चुनाव लड़ते हैं तो 25 प्रतिशत से ज्यादा सीटों पर असर दिखाएंगे। मारवाड़, बीकाणा, शेखावटी और संभवत: जयपुर तक ये वोटों में सेंध लगा सकते हैं।

बेनीवाल की नई पार्टी का घनश्याम तिवाड़ी की पार्टी के साथ गठबंधन के आसार भी इनके इरादों को मजबूती दे रहे हैं। इन्हें महज टिकट कटने की औपचारिक घोषणा का इंतजार है। इसके बाद ये नेता खुद के निर्दलीय लडऩे या तीसरे मोर्चे से लडऩे का फैसला जनता के बीच जाकर सुनाएंगे। राजनीतिक गलियारों में तीसरे मोर्चे के बैनर तले कई पार्टियों के गठबंधन की बात भी इन नेताओं को तीसरे मोर्चे की तरफ आकर्षित कर रही हैं। तीसरे मोर्चे के बैनर तले कई नेताओं के जीत के फार्मूले और जातीय समीकरण बन रहा है।

बेनीवाल की किसान रैली और पार्टी की घोषणा 29 अक्टूबर को होने की वजह से बड़ी संख्या में नेता उनसे संपर्क में आ गए है। जैसे ही भाजपा-कांग्रेस से इनके टिकट कटेंगे, वैसे ही इनके नामों की घोषणाएं बेनीवाल, बसपा आदि पार्टियां करेगी। इनमें कुछ पूर्व विधायक भी संभावनाएं खोज रहे हैं।

पार्टियों से लड़ाई, कार्यकर्ताओं से नहीं

निर्दलीय विधायक हनुमान बेनीवाल ने कहा है कि मेरी लड़ाई भाजपा और कांग्रेस के साथ रही है, इनके नेताओं से मेरी लड़ाई है। इनके कार्यकर्ता हमारे भाई और सुख-दुख के साथ रहे है। संघर्ष के दिनों में हम सब साथ थे। अब ये कार्यकर्ता भाजपा-कांग्रेस के खिलाफ है और तीसरे मोर्चे के लिए हमारे पक्ष में है। मैं ये दावा कर रहा हूं कि हर समाज का आदमी मेरे साथ खड़ा है।

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