सड़कें होंगी चमाचम, नहीं रहेंगे गड्ढ़े!

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जयपुर में बुधवार को सड़क नवीनीकरण को लेकर हुई बैठक।

जयपुर (अभय इंडिया न्यूज)। आने वाले समय में प्रदेश की सड़कें चमाचम नजर आएगी। सड़क पर कहीं पर भी गड्ढ़े नहीं दिखेंगे। मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे द्वारा 12 फरवरी 2018 को विधानसभा में बजट भाषण 2018-19 के दौरान घोषित राज्य के 29 जिलों में 12171 किलोमीटर क्षतिग्रस्त सड़कों (नॉन पेचेबल) के नवीनीकरण की योजना का बुधवार को सानिवि मंत्री यूनुस खान की अध्यक्षता में हुई बैठक में अनुमोदन कर दिया गया। अजमेर, अलवर, भीलवाड़ा एवं जयपुर जिले में पहले घोषित की जा चुकी 2081 किमी नॉनपेचबल सड़कों के नवीनीकरण का भी इस बैठक में अनुमोदन किया गया।

इस प्रकार बुधवार को 2361 करोड़ 12 लाख रुपए की लागत से कुल 14252 किलोमीटर नॉन पेचेबल सड़कों के नवीनीकरण को बोर्ड द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया। सार्वजनिक निर्माण मंत्री खान ने बताया कि प्रदेश मेंं एक साथ इतनी बड़ी संख्या में क्षतिग्रस्त सड़कों के सुधार की योजना अपूर्व है। राज्य में दिसम्बर तक एक भी टूटी सड़क नहीं छोडऩे की भावना के अनुरूप तेजी से सड़कों का नवीनीकरण किया जाना है। इसी दिशा में मुख्यमंत्री की घोषणा के माह में ही इन सड़कों के नवीनीकरण का अनुमोदन बोर्ड द्वारा कर दिया गया है। बोर्ड में मकराना बाइपास निर्माण के लिए 29.96 करोड़ रुपए की पूर्व अनुमोदित राशि को संशोधित कर 36 करोड़ 31 लाख 44 हजार रूपए बढाए जाने के प्रस्ताव का भी अनुमोदन किया गया। दौलतपुरा से लोसल सड़क के निर्माण के लिए 40 करोड़ 81 लाख 52 हजार रुपए के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। इसी प्रकार प्रतापगढ-अरनोद सड़क के लिए पूर्व 14 करोड़ रुपए के पूर्व अनुमोदन को बढ़ाकर 70 करोड़ किया गया एवं तकनीकी आधार पर भविष्य में आवश्यकता होने पर इसे बढ़ाए जाने के प्रस्ताव का भी अनुमोदन किया गया।

बैठक में सलूम्बर से बांसवाड़ा सड़क पर दुर्घटना की आशंका को देखते हुए इसके सीडी कार्यों को चौड़ा करने के लिए 10 करोड़ के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। सानिवि मंत्री खान ने बताया कि पदयात्रियों की सुविधा को देखते हुए सप्तकोसी, बृज 84 कोस परिक्रमा मार्ग पर पार्किंग सुुविधा, शेड, विद्युतीकरण, शौचालय, सजावटी दरवाजे, यूटिलिटी शिफ्टिंग, पुल, भूमि अवाप्ति आदि कार्यों के लिए अतिरिक्त 25 करोड़ के प्रस्तावों का भी अनुमोदन बोर्ड की बैठक में कर दिया गया है। एसआरएफ प्रबन्धन बोर्ड की बैठक में प्रमुख शासन सचिव सानिवि आलोक, विशिष्ट शासन सचिव, वित्त जाकिर हुसैन, मुख्य अभियंता पथ एम. जी. माहेश्वरी, से. नि. शासन सचिव, सानिवि जी. एल. राव, चार्टर्ड अकाउण्टेन्ट अनिल माथुर, एनजीओ प्रतिनिधि सनवर खान शामिल हुए।