रामदेव के प्रोजेक्ट को झटका, हाईकोर्ट ने निर्माण पर लगाई रोक

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जयपुर (अभय इंडिया न्यूज)। राजस्थान हाईकोर्ट ने रामदेव के पंतजली योगपीठ ट्रस्ट के करौली में प्रस्तावित प्रोजेक्ट को झटका दिया है। कोर्ट ने मंदिर की जमीन का कब्जा लेने और निर्माण करने पर रोक लगाते हुए करौली के सब-रजिस्ट्रार को जमीन की रजिस्ट्री नहीं करने और तहसीलदार को राजस्व रिकार्ड में एंट्री नहीं करने के निर्देश दिए हैं।

अदालत ने देवस्थान के अतिरिक्त आयुक्त को मंदिर की संपत्ति की रक्षा के लिए उठाए गए कदमों की रिपोर्ट भी पेश करने के निर्देश दिए हैं। न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा ने यह अंतरिम आदेश रामकुमार सिंह की याचिका पर दिए हैं। अदालत ने मंदिर के ट्रस्टियों सहित पंतजली योगपीठ ट्रस्ट जरिए आचार्य बालकृष्ण, ट्रस्ट की ओर से लीज डीड करने वाले अजय आर्य, सब रजिस्ट्रार और तहसीलदार से जवाब भी मांगे हैं। मामले में अगली सुनवाई 17 अगस्त को होगी।

यह है मामला

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, करौली पटवारी ने 9 अगस्त, 2016 को जमीन पर बने मकानों की सूची बनाई और इसके बाद भी 168 भूखंडों की सूची बनाई थी। इसके बावजूद मंदिर ट्रस्ट ने रामदेव के पंतजली योगपीठ ट्रस्ट के पक्ष में 401 बीघा जमीन को तीन साल के लिए लीज पर दे दिया और लीज डीड रजिस्टर्ड करवा दी थी।

अब हाईकोर्ट के दखले के बाद रामदेव के इस प्रोजेक्ट पर संकट हो गया है। रामदेव यहां आयुर्वेदिक अस्पताल, योगपीठ, गुरुकुल, आयुर्वेदिक दवाइयों का उत्पादन केन्द्र और गौशाला बनाना चाहते थे, जबकि कानूनी तौर पर मंदिर माफी की जमीन मात्र तीन साल के लिए ही लीज पर दी जा सकती है और वह भी केवल कृषि कार्य के लिए। जबकि रामदेव मंदिर माफी की जमीन पर पक्के निर्माण करना चाहते थे। इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास मुख्यमंत्री वसुधंरा राजे ने इसी साल 22 अप्रेल को किया था।