ऑनलाइन उपभोक्ता अब किसी भी जिला मंच में दर्ज करा सकेंगे परिवाद

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जयपुर (अभय इंडिया न्यूज)। उच्चतम न्यायालय के निर्णयानुसार ऑनलाइन खरीददार अब कहीं पर भी विक्रेताओं एवं सेवा प्रदाताओं के खिलाफ मुकदमा कर सकते हैं। न्यायालय ने राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के रजनी आरी बनाम स्पाइसजेट एयरलाइन्स, 2018 में प्रदत्त फैसले को बरकरार रखते हुए निर्धारित किया कि ऑनलाइन उपभोक्ता, खरीदी गयी वस्तुओं एवं सेवाओं में कमी के लिये, किसी भी स्थान पर, उपभोक्ता अदालत में मुकदमा दायर कर सकते हैं।
न्यायालय के इस फैसले से उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की धारा-11 की एक तर्कसंगत व विस्तृत व्याख्या स्पष्ट की गई है, जिसमें उपभोक्ताओं की शिकायतों का क्षेत्राधिकार कहीं भी हो सकता है, जहां कार्यवाही का कारण मौजूद हो। राष्ट्रीय आयोग ने स्पाइसजेट एयरलाइन्स के इस तर्क को खारिज कर दिया कि कम्पनी के कारोबार का स्थल गुरूग्राम (दिल्ली) में है, चंडीगढ़ जिला मंच के पास मामले को सुनने का अधिकार नहीं है।
इसी संबंध में आयोग ने तर्क दिया कि ‘वर्तमान समय में किसी विशेष स्थान पर, वेबसाइटों अथवा ई-कॉमर्स ऐप्स के माध्यम से माल और सेवाओं की उपलब्धता, वस्तुत: वही बात बन गई है जैसे भौतिक रूप, में उस स्थान पर विक्रेता के पास दुकानें हैं। नतीजन, इस फैसले से उपभोक्ताओं को परेशानी मुक्त निवारण तंत्र उपलब्ध हो सकेगा, जहां उपभोक्ताओं को ऑनलाइन लेन-देन के खतरों से बचाव के साथ उपभोक्ता हितों की सही मायने में रक्षा की जा सकेगी तथा यथोचित न्याय दिलवाया जा सकेगा।