राजमंदिर सिनेमा में खुलेगा नमो टी स्टॉल, शाह लेंगे चाय की चुस्कियां

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Amit Shah-Vashundra Raje File Photo
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जयपुर (अभय इंडिया न्यूज)। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह 21 जुलाई को जयपुर में राजमंदिर सिनेमा के बाहर कार्यकर्ताओं के साथ चाय की चुस्कियां ले सकते हैं। शाह यहां प्रदेश कार्यसमिति, प्रदेश पदाधिकारियों, जिलाध्यक्षों, जिला प्रभारियों और जनप्रतिनिधियों की नारायण सिंह सर्किल स्थित तोतुका भवन में बैठक के बाद राजमंदिर सिनेमा हॉल जाएंगे।

यहां वे भाजपा सोशल मीडिया कार्यकर्ताओं की बैठक लेंगे। बाहर अस्थायी रूप से भाजपाइयों के द्वारा नमो टी स्टॉल लगाई जाएगी। इस स्टॉल पर सोशल मीडिया वॉलेंटियर्स व आम जनता के लिए चाय का इंतजाम किया गया है। सूत्रों की मानें तो राष्ट्रीय अध्यक्ष शाह इस स्टॉल पर जाकर चाय पीएंगे और कार्यकर्ताओं से बातचीत भी करेंगे।

शाह के दौरे की तैयारियों को लेकर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल सैनी, संगठन महामंत्री चन्द्रशेखर, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अरुण चतुर्वेदी, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी ने व्यवस्थाओं को लेकर बैठक की। बैठक में सिंधी कैम्प, रेलवे स्टेशन, हवाई अड्डे पर कार्यसमिति सदस्यों का तिलक लगाकर स्वागत करने, कार्यसमिति स्थल पर केन्द्र व प्रदेश सरकार की योजनाओं की प्रदर्शनी लगाने का भी फैसला किया गया।

अब निजी विश्वविद्यालय भी आरटीआई के दायरे में

जयपुर (अभय इंडिया न्यूज)। प्रदेश के निजी विश्वविद्यालय भी अब सूचना के अधिकार अधिनियम-2005 के दायरे में होंगे। राज्य सरकार ने बड़ी पहल करते हुए प्रदेश के सभी निजी विश्वविद्यालयों को आरटीआई एक्ट की पालना करने को कहा है। इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग की ओर से आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।

इसके अनुसार निजी विश्वविद्यालयों को लोकसूचना अधिकारी की नियुक्ति करनी होगी और आरटीआई के तहत जानकारी मुहैया करानी होगी। यदि आवेदन अस्वीकार किया जाता हैं तो इस पर पैनल्टी भी चुकानी होगी। विभाग ने आरटीआई के सभी नियम कायदों को लेकर विश्वविद्यालय को सख्ती से पालना करने को कहा है। निजी विश्वविद्यालयों को इस आदेश की पालना रिपोर्ट भिजवाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

यह बताया कारण

निजी विश्वविद्यालयों पर आरटीआई एक्ट लागू करने के पीछे सरकार ने कारण बताया है कि इन विश्वविद्यालयों की स्थापना राज्य सरकार के एक्ट के अनुसार की जाती है। ऐसे में उन्हें आरटीआई की पालना भी करनी होगी। सरकार ने निजी विश्वविद्यालयों की पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए यह आरटीआई एक्ट लागू किया जा रहा है, जिसकी यूनिवर्सिटी प्रशासन को पालना करनी होगी। इस दौरान आरटीआई में तय की गई फीस ही इन विश्वविद्यालयों को लेनी होगी।