लोकसभा-विधानसभा उपचुनाव : जाने कौन जीता, कौन हारा?

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नई दिल्ली। देश के तीन प्रदेशों की चार लोकसभा और नौ राज्यों की 10 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे आने का सिलसिला शुरू हो गया है। महाराष्ट्र की पालघर सीट पर जहां भाजपा के राजेंद्र गावित जीत गए हैं, वहीं उत्तर प्रदेश की कैराना लोकसभा सीट पर रालोद की तबस्सुम हसन आगे चल रही हैं। बिहार की जोकीहाट विधानसभा सीट पर राजद उम्मीदवार शाहनवाज आलम जीत गए। महाराष्ट्र की पलूस कड़ेगांव विधानसभा सीट पर कांग्रेस के विश्वजीत कदम को निर्विरोध चुना गया है। भंडारा-गोंदिया लोकसभा सीट पर एनसीपी के मधुकर कुकड़े आगे चल रहे हैं। नूरपुर की सीट भी बीजेपी के हाथ से निकलकर सपा के खाते में चली गई।

कैराना लोकसभा सीट (यूपी) : भाजपा हार के करीब

भाजपा के सांसद हुकुम सिंह के निधन से खाली हुई यह सीट भाजपा के हाथ से फिसलनी तय है। संयुक्त विपक्ष की उम्मीदवार तबस्सुम हसन 65000 वोटों की भारी बढ़त बना चुकी हैं। हुकुम सिंह की बेटी और भाजपा प्रत्याशी मृगांका कहीं से भी टक्कर में नजर नहीं आ रही हैं।

भंडारा गोंदिया लोकसभा सीट (महाराष्ट्र) : एनसीपी आगे

पहले इस सीट पर भाजपा के हेमंत पटेल आगे चल रहे थे, लेकिन अब एनसीपी उम्मीदवार के आगे निकल गए है। भंडारा-गोंदिया में भाजपा सांसद नाना पटोले ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था और कांग्रेस में शामिल हो गए थे। एनसीपी ने जहां मधुकर कुकड़े को मैदान में उतारा वहीं भाजपा ने हेमंत पटले पर भरोसा दिखाया। एनसीपी को यहां कांग्रेस ने समर्थन दिया है। शिवसेना ने प्रत्याशी उतारा ही नहीं है। इस सीट का परिणाम 2019 के गठबंधन के लिहाज से काफी अहम है।

पालघर लोकसभा सीट (महाराष्ट्र) : भाजपा के राजेन्द्र जीते

पालघर में भाजा उम्मीदवार राजेंद्र गावित ने जीत दर्ज की। गावित कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आए थे। बीजेपी सांसद चिंतामन वनागा के जनवरी में निधन के बाद यह सीट खाली हो गई थी। यहां शिवसेना ने वनागा के बेटे श्रीनिवास वनागा को मैदान में उतारा था।

नगालैंड

एनडीपीपी उम्मीदवार 14 हजार वोटों से आगे। नगालैंड में प्रमुख घटक बीजेपी और एनडीपीपी की सहयोगी पीडीए ने इस सीट पर पूर्व मंत्री तोखेहो येपथेमी को उतारा है। कांग्रेस एनपीएफ उम्मीदवार सी अपोक जमीर का समर्थन कर रही है।

नूरपुर विधानसभा सीट – समाजवादी पार्टी उम्मीदवार नईमुल हसन ने 10 हजार वोटों से जीत दर्ज की। विधायक लोकेंद्र सिंह की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद यह सीट खाली हुई थी, जहां से उनकी पत्नी अवनी सिंह को भाजपा ने प्रत्याशी बनाया था।

झारखंड : सिल्ली सीट पर जेएमएम उम्मीदवार सीमा महतो ने जीत दर्ज कर ली है। गोमिया विधानसभा सीट पर भी जेएमएम उम्मीदवार बबीता देवी ने जीत दर्ज की है। सिल्ली विधानसभा सीट पर उपचुनाव में मुख्य मुकाबला पूर्व उप मुख्यमंत्री एवं एजेएसयू अध्यक्ष सुदेश महतो और झारखंड मुक्ति मोर्चा की सीमा महतो के बीच था। सीमा अयोग्य घोषित किए गए विधायक अमित महतो की पत्नी हैं।

बिहार : अररिया जिले की जोकिहाट से आरजेडी उम्मीदवार ने बड़ी जीत दर्ज की। जेडीयू विधायक सरफराज आलम के इस्तीफा देने के चलते इस सीट पर उपचुनाव हुआ था। आरजेडी के उम्मीदवार शाहनवाज 41,224 वोटों से जीते।

पंजाब : शाहकोट सीट पर 38 हजार वोटों से कांग्रेस ने जीत दर्ज की है। शाहकोट सीट से अकाली दल के विधायक अजीत सिंह के इस साल फरवरी में निधन के बाद यहां चुनाव हुए। कांग्रेस ने यहां से हरदेव सिंह को मैदान में उतारा तो अकाली दल ने अजीत सिंह के बेटे नायब सिंह कोहर को टिकट दिया।

केरल : चेंगनूर विधानसभा उपचुनाव में सीपीएम उम्मीदवार ने 20956 सीटों से जीत दर्ज की। इस बार यूडीएफ ने डी विजयकुमार को प्रत्याशी बनाया था जबकि एलडीएफ ने साजी चेरियन को मैदान में उतारा। बीजेपी ने पी एस श्रीधरन पिल्लई पर भरोसा जताया है।

मेघालय : अंपाती सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार मुकुल संगमा की बेटी मियानी डी शिरा ने 3191 वोटों से जीत दर्ज की। मियानी नेकि सत्तारूढ़ मेघायल डेमोक्रेटिक गठबंधन ने क्लेमेंट जी मोमिन को हराया।

पश्चिम बंगाल : महेशताला विधानसभा सीट से तृणमूल के दुलाल दास ने दर्ज की जीत। उनकी पत्नी एवं विधायक कस्तूरी दास के निधन के चलते इस सीट पर उपचुनाव हुआ है। भाजपा ने सीबीआई के पूर्व संयुक्त निदेशक सुजीत घोष को चुनाव में उतारा है।

उत्तराखंड : थराली विधानसभा सीट पर कांटे की टक्कर चल रही है। भाजपा उम्मीदवार 1092 वोटों से आगे चल रही हैं। बीजेपी विधायक मगनलाल शाह के निधन के कारण खाली हुई। बीजेपी ने इस सीट पर मुन्नी देवी को उतारा, तो कांग्रेस ने जीतराम को उम्मीदवार बनाया।