आईपीएल क्रिकेट सट्टा : छुटभय्यों की शामत, सरगनाओं को मिली छूट!

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बीकानेर (अभय इंडिया न्यूज)। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के मैचों में गेंद दर गेंद सट्टे का खेल अपने चरम पर पहुंच गया है। हर दिन करोड़ों रुपए दांव पर लग रहे हैं। इस बीच पुलिस भी इनकी धरपकड़ के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रखा है। इसके बावजूद वो महज छुटभय्यों को ही दबोच पा रही है, सट्टे के सरगनाओं के गिरेबां तक उसके हाथ अब भी नहीं पहुंच पा रहे हैं। इन सरगनाओं को ‘खेल’ बदस्तूर जारी है। इनके ठिकानों को भेदने के लिए पुलिस हालांकि जी-तोड़ कोशिश कर रही है, लेकिन फिलहाल सफलता हाथ नहीं लगी है। बीते एक पखवाड़े में हालांकि पुलिस ने सट्टे के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए अब तक करीब एक दर्जन सटोरियों को दबोच चुकी है। इनसे पूछताछ में पुलिस के हाथ कई ऐसे सुराग लगे हैं, जिनके माध्यम से वो इस कारोबार के सरगनाओं तक आसानी से पहुंच सकती है। अब वो कार्रवाई कब होगी? यह कह पाना मुश्किल है।

बहरहाल, पुलिस अधीक्षक सवाई सिंह गोदारा के निर्देश पर विभिन्न पुलिस थाना क्षेत्रों में इक्की-दुक्की कार्रवाईयां हुई है। इसी क्रम में शनिवार को जयनारायण व्यास कॉलोनी थाना पुलिस ने बल्लभ गार्डन क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए दो सटोरियों को दबोच लिया। थानाप्रभारी मनोज माचरा ने बताया कि आरोपियों के पास से लाखों रुपए का हिसाब-किताब मिला है। पुलिस के अनुसार क्रिकेट सट्टा करने के आरोप में चौतीना कुआं क्षेत्र निवासी प्रमोद खत्री (30) तथा रानीबाजार क्षेत्र निवासी विनय कुमार सोनी (34) को गिरफ्तार किया गया। उपनिरीक्षक गुलाम नबी की रिपोर्ट पर इनके विरुद्ध आरपीजीओ की धारा 3/4 के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों के पास से एक अटैची, 20 मोबाइल, एक-एक वॉयस रिकॉर्डर व सेटअप बॉक्स, दो लेपटॉप, सात मोबाइल चार्जर, रजिस्टर आदि बरामद किया गया है। मामले की जांच उपनिरीक्षक रामप्रताप को सौंपी गई है।

सट्टे के जाल में युवा

क्रिकेट सट्टे का चस्का सर्वाधिक युवा वर्ग को लगा हुआ है। सट्टे के कारोबार से जुड़े सरगना भी इसी वर्ग को निशाना बनाते हुए अपने पैर पसार रहा है। सूत्रों की मानें तो युवाओं को सट्टे के दल-दल में धकेलने के लिए सबसे बड़ी भूमिका फाइनेंसर्स की है। वे इन्हें ऊंची ब्याज दरों पर पैसा उपलब्ध करा रहे हैं। ऐसे फाइनेंसर्स के खिलाफ पुलिस अभी तक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं कर पाई है, जबकि वे ही इस कारोबार को बढ़ाने वाली असली जड़ है।

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