गेंहू घोटाले की आरोपी आईएएस अफसर परिवार सहित फरार

ias nirmala File photo
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जयपुर (अभय इंडिया न्यूज)। आठ करोड़ रूपए के गेंहू के घोटाले की आरोपी निलंबित आईएएस अफसर निर्मला मीणा अपने परिवार सहित फरार है। निर्मला व उनके पति के मोबाइल फोन भी बंद है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो उनकी सरगर्मी से तलाश कर रहे हैं। ब्यूरो की टीम ने हालांकि उनके रिश्तेदारों व परिचितों के ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन उनका कहीं अता-पता नहीं चल पाया है।

ब्यूरो के एक दल ने सोमवार को जोधपुर जिला रसद अधिकारी कार्यालय में एक बार फिर छानबीन की। इससे पहले भी कई बार छानबीन की जा चुकी है। गौरतलब है कि जोधपुर में जिला रसद अधिकारी के पद पर रहते हुए निर्मला मीणा ने आटा मिल मालिकों और राशन डीलर्स के साथ मिलीभगत करके फर्जी लोगों के नाम से राशन कार्ड बनवा दिए और फिर उनके नाम पर आवंटित गेंहू आटा मिलों में भेज दिया। इसके बदले मीणा को बड़ी रकम मिली। शिकायत मिलने के बाद ब्यूरो ने जांच शुरू की और सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया।

एसीबी की ओर से अब तक की गई जांच में मीणा और उनके पति के नाम से 17 विभिन्न बैंकों में खाते और तीन लॉकर होने की बात सामने आई है । एसीबी ने सभी बैंक खाते और लॉकर सीज कराए हैं । पिछले तीन दिन से जांच में जुटी एसीबी को पता चला है कि जांच में निर्मला मीणा के नाम से जयपुर में 2 जोधपुर में 5 मकान, एक पेट्रोल पम्प, 20 बीघा जमीन, माउंट आबू में कॉटेज तथा एक दुकान होने के दस्तावेज मिले हैं ।

घोटाले में मीणा का सहयोग करने के आरोप में उनके तत्कालीन निजी सहायक अशोक पालीवाल और आटा मिल मालिक स्वरूप सिंह उपाध्याय के जोधपुर स्थित आवासों पर भी छापेमारे गए, उनके यहां भी आय से अधिक सम्पति एवं अन्य गेंहू घोटाले से सम्बन्धित दस्तावेज मिले हैं। निर्मला मीणा और अशोक पालीवाल ने गिरफ्तारी से बचने के लिए उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका लगा रखी है। न्यायालय ने इस मामले की सुनवाई 15 मार्च को तय की, तब तक इनकी गिरफ्तारी रोकी है, लेकिन फिर भी ये फरार चल रहे हैं। उधर, आटा मिल मालिक स्वरूप सिंह पुरोहित एसीबी के रिमांड पर है।