जीएसटी : वॉशिंग मशीन, फ्रिज, एसी सस्ते होंगे, टैक्स घटाया

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नई दिल्ली। जीएसटी काउंसिल ने शनिवार को आम लोगों को बड़ी राहत देते हुए टेलीविजन, फ्रिज, एसी, वॉशिंग मशीन जैसे 17 कंज्यूमर ड्यूरेबल इलेक्ट्रॉनिक गुड्स पर टैक्स स्लैब घटा दी है। ये सभी जल्द ही सस्ते हो जाएंगे। इन पर पहले 28 प्रतिशत टैक्स लगता था। अब इन्हें 18 प्रतिशत टैक्स स्लैब में डाला गया है। वहीं, सैनेटरी नैपकिन, बिना सोने-चांदी वाली राखियां, मार्बल या लकड़ी से बनने वाली मूर्तियों जैसी कुछ चीजों को टैक्स फ्री कर दिया गया है।

पेट्रोल में इस्तेमाल होने वाले एथेनॉल पर जीएसटी 18ा प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत किया गया। जीएसटी में एक साल में यह तीसरा बड़ा बदलाव है। इससे पहले नवंबर 2017 में 213 सामानों और जनवरी 2018 में 54 सेवाएं और 29 चीजें सस्ती हुई थीं। वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने जीएसटी काउंसिल की 28वीं बैठक के बाद कहा कि नई टैक्स दरें 27 जुलाई से लागू हो सकती हैं।

टैक्स फ्री : सैनेटरी नैपकिन, बिना सोने-चांदी वाली राखियां, मार्बल या लकड़ी से बनने वाली मूर्तियां, हैंडीक्राफ्ट से जुड़ी चीजें, फूलझाडू, नारियल के रेशे से बनी ऑर्गनिक खाद।

28 से घटाकर 18 प्रतिशत : 68 सेमी तक के टीवी, फ्रिज, एसी, वॉशिंग मशीन, मिक्सर-ग्राइंडर-जूसर, वॉटर कूलर, वॉटर हीटर, शेवर, लीथियम आयरन बैटरी, वैक्यूम क्लीनर, स्पेशल पर्पज व्हीकल, पेंट्स, वॉर्निश, हेयर ड्रायर, आइसक्रीम फ्रीजर, परफ्यूम, टॉयलेट क्लीनर, इलेक्ट्रिन आयरन, रेफ्रिजरेटिंग उपकरण।

12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत : हैंडलूम की दरियां, फर्टिलाइजर ग्रेड का फॉस्फोरिक एसिड।

18 से घटाकर 12 प्रतिशत : बांस की फ्लोरिंग, पीतल का प्रेशर स्टोव।

18 से घटाकर 5 प्रतिशत : पेट्रोल-डीजल में इस्तेमाल होने वाला एथेनॉल, 1000 रुपए तक के फुटवियर।

जीएसटी रिटर्न भरने की प्रक्रिया आसान

काउंसिल की बैठक में जीएसटी रिटर्न भरने की प्रक्रिया को और आसान बनाने की मंजूरी दी। अब कारोबारियों को सिंगल पेज रिटर्न भरना होगा। इसके अलावा अब एक महीने में तीन की जगह केवल एक रिटर्न दाखिल करना होगा। सालाना पांच करोड़ रुपए तक टर्नओवर वाले कारोबारी तिमाही रिटर्न भर सकेंगे। काउंसिल ने जीएसटी कानून में प्रस्तावित 46 बदलावों को मंजूरी दी। चीनी पर सेस लगाने को लेकर कोई फैसला नहीं हुआ। शुगर सेस पर मंत्रिसमूह की अगली बैठक केरल में होगी।