कांग्रेस के पूर्व मंत्री को सता रहा गिरफ्तारी का डर!

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नई दिल्ली। कांग्रेस के कद्दावर नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम को एयरसेल मैक्सिस डील मामले में गिरफ्तारी का डर सता रहा है। बुधवार सुबह ही पटियाला हाउस कोर्ट से मामूली राहत पाने के बाद पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने दोपहर में दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया। इससे पूर्व बुधवार सुबह पी. चिदंबरम ने दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में अंग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी, हालांकि उन्हें कोर्ट ने फौरी राहत देते हुए आगामी सुनवाई तक कोई कार्रवाई नहीं करने की बात कही है। चिदंबरम की ओर से दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में बहस करने के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल पेश हुए थे।

इस मामले में चिदंबरम की ओर से पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने अग्रिम जमानत के लिए बहस की। सुनवाई के दौरान इस मामले में कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जवाब मांगा है। अब पांच जून को ईडी अपना जवाब दाखिल करेगा। कोर्ट ने आगामी सुनवाई तक पी. चिदंबरम को राहत प्रदान की है। हालांकि कांग्रेस नेता को पांच जून को कोर्ट में पेश होना होगा, तब तक ईडी चिदंबरम के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेगा।

गौरतलब है कि दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट एयरसेल मैक्सिस डील मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम की अंतरिम जमानत दस जुलाई तक बढ़ा चुका है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पहले सुप्रीम कोर्ट में जांच की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर चुका है। ईडी ने मामले में सील बंद रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल की है। इससे पूर्व सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम के खिलाफ आरोपों पर सबूत मांगे थे। सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता व भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी को इस मामले में मैटेरियल सबूत पेश करने को कहा था। सुब्रमण्यम स्वामी ने याचिका में आरोप लगाया है कि एयरसेल मैक्सिस डील में तत्कालीन वित्तमंत्री पी. चिदंबरम ने कैबिनेट कमेटी की अनुमति के बिना ही मंजूरी दी, जबकि ये डील 3500 करोड़ की थी। आरोप है कि नियमों के मुताबिक तत्कालीन वित्तमंत्री 600 करोड़ रुपये तक की डील को ही मंजूरी दे सकते थे।