फर्जी हथियार लाइसेंस : अब तक 48 गिरफ्तार

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सुरेश बोड़ा/जयपुर/बीकानेर (अभय इंडिया न्यूज)। जम्मू-कश्मीर और नागालैंड से बने राजस्थान के लोगों के फर्जी हथियार लाइसेंस मामले में अब तक एटीएस 48 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। राजस्थान एटीएस ने इस मामले में सोमवार रात 48वीं गिरफ्तारी करते हुए डोडा और शराब ठेकेदार को दबोचा है।

चित्तौडगढ़ निवासी डोडा और शराब ठेकेदार पूनम चौधरी ने दलाल को चार लाख रूपए देकर जम्मू-कश्मीर से बीएसएफ के एक जवान के नाम से हथियार लाइसेंस बनवाया था। सूत्रों के मुताबिक गिरफ्तार किए गए पूनम चौधरी के पास से 30 बोर,12 बोर और 315 बोर की तीन राइफल बरामद की गई।

सरकार केन्द्र को लिखेगी पत्र

जम्मू-कश्मीर से बने लगभग पांच हजार हजार फर्जी हथियार लाइसेंस मामले की जांच सीबीआई से कराने को लेकर वसुंधरा राजे सरकार एक बार फिर केन्द्र सरकार को पत्र लिखेगी। इससे पहले भी राजस्थान में गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव केन्द्रीय गृह सचिव को इस बारे में पत्र लिख चुके हैं। इस संबंध में राज्य के गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए वे इस बारे में शीघ्र ही केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मिलेंगे। कटारिया का कहना है कि पहले पत्र लिखेंगे और फिर वे खुद दिल्ली जाकर राजनाथ सिंह से मिलेंगे। राज्य सरकार इस मामले को देश की सुरक्षा में गंभीर चूक मानती है।

ऐसे उधड़ी परतें

करीब तीन माह पूर्व राजस्थान पुलिस ने नागालैंड से फर्जी हथियारों के लाइसेंस जारी होने के मामले का पर्दाफाश करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार लोगों से पूछताछ में सामने आया कि पिछले दो साल में उन्होंने नागालैंड के विभिन्न स्थानों से हथियारों के पांच सौ लाइसेंस बनवाए। इसे खुलासे के बाद इस मामले की परतें उधड़ती गई। फर्जी लाइसेंस बनवाने वाले गिरोह का मुख्य सरगना मूलरूप से चूरू जिले का रहने वाला भंवर लाल ओझा है। वह पिछले 40 साल से नागालैंड में व्यापार कर रहा था। एटीएस ने बाद में जब इस मामले में मुख्य आरोपी अजमेर निवासी मोहम्मद जुबेर को गिरफ्तार किया तो सामने आया कि उसने दो से चार लाख रूपए लेकर फर्जी लाइसेंस बनवाए थे।

फर्जी हथियार लाइसेंस मामला : चार गिरफ्तार, धरपकड़ होंगी तेज