सात राज्यों की सीमा लांघ कर इलाज के लिए बीकानेर पहुंची दंपती

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इलाज के बाद सामान्य स्थिति में मरीज।
इलाज के बाद सामान्य स्थिति में मरीज।

बीकानेर (अभय इंडिया न्यूज)। ट्रेन में सवार सुभाष पॉल से उनके आस पास बैठे लोगों ने न्यू जलपाईगुड़ी से बीकानेर का सफर करने का कारण पूछा तो एकबारगी सभी हैरान रह गए। 2200 किलोमीटर का 50 घंटे से अधिक का सफर सुभाष पॉल बीकानेर में अपनी पत्नी पिंकी पॉल का पाइल्स का इलाज करवाने के लिए कर रहे थे। यह पूछने पर कि इलाज करवाने के लिए इतना दूर, देश के एक कोने से दूसरे कोने तक क्यों आए?

इस पर पॉल ने बताया डॉ. तनवीर मालावत की ख्याति सुनकर इलाज करवाने के लिए सात राज्यों को पार कर बीकानेर पहुंचने का निर्णय किया। पॉल ने बताया कि इससे पहले वे जीवन में कभी राजस्थान नहीं आये हैं। पत्नी का यहां इलाज कराने के बाद अब पॉल की चिंता दूर हो गई है।

गौरतलब है कि दूरबीन द्वारा ऑपरेशन में विश्व रिकॉर्ड बना चुके डॉ. तनवीर मालावत का नाम लिम्का बुक ऑफ़ वल्र्ड रिकाड्र्स में भी दर्ज है तथा पाइल्स का क्रायोसर्जरी (ठंडी मशीन) पद्धत्ति से इलाज करने के लिए भी जाने जाते हैं। प्रदेश के विभिन्न अंचलों से तो लोग अपना उपचार करवाने डॉ. तनवीर मालावत के पास आते ही हैं।

देश के भी अलग-अलग कोनों जैसे पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बंगाल, असम, गुजरात, महाराष्ट्र, हैदराबाद, चेन्नई, केरल आदि से भी मरीज उनसे अपना इलाज करवाने के लिए बीकानेर आते हैं। वे अब तक 50000 से अधिक मेजर ऑपरेशन कर चुके हैं। पाइल्स के 20000 से अधिक ऑपरेशन उनके द्वारा अब तक किये जा चुके हैं।

बीकानेर सम्पूर्ण देश में दशकों से कैंसर के इलाज के लिए जाना जाता रहा है तथा पंजाब हरियाणा के मरीजों को लाने वाली ट्रैन को भी कैंसर ट्रेन कहा जाता है। उसी क्रम में डॉ. तनवीर मालावत ने भी अपने सर्जरी के हुनर से बीकानेर को भारत के चिकित्सा क्षेत्र के मानचित्र पर उभारने में अहम् योगदान दिया है।