कांग्रेस प्रवक्ता की बेटी को धमकी देने वाला गिरफ्तार

जयपुर/नई दिल्ली (अभय इंडिया न्यूज)। कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी की बेटी को सोशल मीडिया पर रेप की धमकी देने वाले शख्स को मुंबई पुलिस ने अपनी गिरफ्त में ले लिया है। उसकी गिरफ्तारी अहमदाबाद से हुई है। पड़ताल में सामने आया है कि आरोपी शख्स राजस्थान के अजमेर का रहने वाला गिरीश माहेश्वरी है। मामले की प्राथमिकी मुंबई के गोरेगांव में दर्ज है।

पुलिस के मुताबिक आरोपी पर ट्विटर के जरिए प्रियंका के एकाउंट पर उनकी बेटी से रेप करने की धमकी देने का संगीन आरोप है। आरोपी करीब सात से आठ साल से बावला में रहता है। साणंद-बावला रोड पर एक एग्रो फूड कंपनी में एकाउंटेंट के रूप में काम करता है और वहीं पर किराणे की छोटी दुकान चलाता है। इस मामले में प्रियंका की ओर से ट्विटर के जरिए ही आरोपी की करतूत को सार्वजनिक करने पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी संज्ञान लिया। सिंह ने आरोपी के विरुद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

ये है मामला

कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी को सोशल मीडिया पर उनकी दस साल की बेटी के साथ दुष्कर्म करने की धमकियां दी जा रही थी। उस शख्स की पहचान तो काफी दिन पहले कर ली गई थी, लेकिन गिरफ्तारी गुरुवार को हुई है। मुंबई पुलिस ने आरोपी गिरीश को गुजरात के अहमदाबाद से गिरफ्तार किया। बताया जा रहा है कि आरोपित को मुंबई लाकर यहां की एक अदालत के सामने पेश किया जाएगा।

प्रदेश में 1869 इनामी बदमाश, बलवीर पर 1.10 लाख का इनाम

जयपुर (अभय इंडिया न्यूज)। राजस्थान में अपराध के बढ़ते ग्राफ के बीच इनामी बदमाशों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। प्रदेश में फिलहाल 1869 इनामी बदमाश हैं, इनमें सबसे ज्यादा इनाम नागौर निवासी बलवीर सिंह पर है। बलवीर पर एक लाख 10 हजार रुपए का इनाम है। दूसरे नंबर पर अंकित भादू का नाम आता है। उस पर 55 हजार रुपए का इनाम है, जबकि करण सिंह, मदन मोहन और सुनील मीणा पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित है।

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो पुलिस प्रशासन की ओर से की गई नई व्यवस्था के अनुसार अब थानों में किसी भी अपराधी का फोटो सिर्फ बापर्दा होगा। ऐसे में अब सिर्फ पुलिस ही बदमाशों का चेहरा देख सकेगी। आमजन की निगाह में बदमाश नहीं आ पाएंगे, इससे वे आसानी से खुले में भी घूम सकेंगे। इससे तो यह लगता है कि राजस्थान पुलिस के अधिकारी ‘आमजन में विश्वास, अपराधियों में भयÓ वाक्य की परिभाषा ही बदलने में जुटे हैं। हाल में पुलिस मुख्यालय में हुई बैठक में बदमाशों के बापर्दा फोटो कराने की बात पर तो मंथन कर लिया लेकिन यह तय नहीं किया कि प्रदेश में जो इनामी बदमाश हैं उनकी फोटो कैसे आमजन तक पहुंचाएंगे।