पूर्व मंत्रियों के बेटों के विरुद्ध चार्जशीट, गहलोत-पायलट की जांच लंबित

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जयपुर (अभय इंडिया न्यूज)। राजस्थान के चर्चित 108 एंबुलेंस घोटाले मामले में सीबीआई ने पूर्व केन्द्रीय मंत्री ए. के. एंटोनी के पुत्र अमित एंटोनी, पूर्व केन्द्रीय मंत्री वायरलार रवि के पुत्र रवि कृष्णा और जिकित्जा हेल्थकेयर कंपनी की सीईओ श्वेता मंगल के खिलाफ जयपुर में सीबीआई मामलों की विशेष कोर्ट में चार्जशीट पेश कर दी गई है।

कोर्ट में चार्जशीट पेश करने के लिए सीबीआई की टीम दो दिन पहले जयपुर पहुंची थी। सीबीआई ने राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अशोक गहलोत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट, राज्य सरकार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री ए. ए. खान उर्फ दुरूमियां, पूर्व केन्द्रीय मंत्री पी. पी. चिदम्बरम के पुत्र कार्ति चिदम्बरम के खिलाफ जांच लंबित रखी है।

सभी आरोपितों के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े के मामले में धारा 120 बी, 420, 468 और 471 के तहत चार्जशीट पेश की गई है। जयपुर सीबीआई मामलों की विशेष कोर्ट ने इस प्रकरण की सुनवाई छह जुलाई को तय की है।

गौरतलब है कि प्रदेश में वर्ष 2010 से 2013 के दौरान 108 एंबुलेंस मुहैया कराने के नाम पर हुए घाटाले को लेकर जयपुर नगर निगम के पूर्व उप महापौर पंकज जोशी ने 31 जुलाई 2014 को शहर के अशोक नगर पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज करवाई थी। इसके बाद 28 अगस्त 2015 को राज्य सरकार ने मामला सीबीआई को जांच के लिए सौंप दिया। इसी मामले में सितम्बर 2015 में ईडी ने दिल्ली में मनी लांड्रिंग का मामला दर्ज किया।

सीबीआई जांच में मामला सही पाया गया। इसके अनुसार सिर्फ कागजों में मौजूद जिकित्जा कंपनी को एंबुलेंस सेवा मुहैया कराने के लिए पैसा का भुगतान किया गया। इसके अनुसार सरकार को इन एंबुलेंस के परिवहन के फर्जी बिल सौंपे गए। इसके साथ ही टेंडर प्रक्रिया में भी अनियमितता हुई मानी गई।

इधर, मामला सीबीआई को सौंपे जाने के बाद ही अशोक गहलोत इसे राजनीति से प्रेरित बता चुके है, जबकि सचिन पायलट भी कह चुके है कि उन्होंने सांसद बनने से पहले ही कंपनी से इस्तीफा दे दिया था। वे कंपनी के सामाजिक कार्य के कारण ही जुड़े हुए थे, लेकिन फिर इस्तीफा दे दिया था।