उपचुनाव : मतदान जारी, भाजपा के खिलाफ पांच दल लामबंद

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Election Commission Of India
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नई दिल्ली। नौ राज्यों की 10 विधानसभा सीटों और तीन राज्यों की चार लोकसभा उपचुनाव के लिए मतदान जारी है। लोकसभा सीटों में उत्तर प्रदेश की कैराना में मुकाबला सबसे दिलचस्प माना जा रहा है। यहां भाजपा के उम्मीदवार की तगड़ी घेराबंदी करते हुए पांच दल लामबंद हुए है। महाराष्ट्र की पालघर और भंडारा-गोंदिया तथा नागालैंड सीटें शामिल हैं। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने नागालैंड को छोड़कर बाकी तीनों सीटों पर बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी। इस बार इन तीनों पर मुकाबला दिलचस्प हो गया है। सभी नतीजों का ऐलान 31 मई को किया जाएगा।

लोकसभा सीट- कैराना (उत्तरप्रदेश)

उत्तरप्रदेश की कैराना लोकसभा सीट पर भाजपा से मृगांका सिंह तथा रालोद से तबस्सुम हसन उम्मीदवार है। यहां 2014 में हुकुम सिंह को 5 लाख 65 हजार 909 वोट मिले थे। यह कुल मतदान का 50.6 प्रतिशत था। उन्होंने समाजवादी पार्टी की नाहिद हसन को 2 लाख 36 हजार 636 वोटों से हराया था। उन्हें कुल मतदान के सिर्फ 29 प्रतिश्त वोट मिले थे। इस बार भाजपा उम्मीदवार की जोरदार घेराबंदी की गई है। रालोद उम्मीदवार तबस्सुम को सपा, बसपा, कांग्रेस और आप ने समर्थन दे दिया है।

लोकसभा सीट- पालघर (महाराष्ट्र)

महाराष्ट्र की पालघर लोकसभा सीट से शिवसेना के श्रीनिवास वनगा और भाजपा से राजेंद्र गावित चुनाव लड़ रहे हैं। यह सीट भाजपा सांसद चिंतामण वनगा के निधन से रिक्त हुई। श्रीनिवास भाजपा के दिवंगत सांसद चिंतामण वनगा के बेटे हैं, लेकिन इस बार एनडीए से अलग हुई शिवसेना उन्हें अपने पाले में करने में कामयाब हो गई। तब भाजपा को राजेंद्र गावित को टिकट देना पड़ा। वो पहले कांग्रेस में थे। वर्ष 2014 में इस सीट पर भाजपा उम्मीदवार चिंतामण वनगा को 5 लाख 33 हजार 201 वोट मिले थे। यह कुल मतदान का 53.7 प्रतिशत था। उन्होंने बहुजन विकास अघाडी पार्टी के बलीराम सुकुर जाधव को 2 लाख 39 हजार 520 वोटों से हराया था। जाधव को 29.6 प्रतिशत वोट मिले थे। कांग्रेस-एनसीपी ने 2014 में इस सीट से कोई उम्मीदवार नहीं उतारा था, लेकिन इस बार साझेदारी करके दामोदर शिंगदा को टिकट दिया है। वो कांग्रेस में रहे भाजपा उम्मीदवार राजेंद्र गावित के वोटों में सेंध लगा सकते हैं।

लोकसभा सीट- भंडारा-गोंदिया (महाराष्ट्र

महाराष्ट्र की भंडाराा-गोंदिया लोकसभा सीट र एनसीसी के मधुकर कुकड़े और भाजपा के हेमंत पाटले के बीच मुख्य मुकाबला हो रहा है। यह सीट भाजपा के बागी सांसद नाना पटोले के इस्तीफे के कारण रिक्त हुई। पटोले कांग्रेस में शामिल हो गए, लेकिन पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया। इस सीट पर कांग्रेस का एनसीपी से समझौता हुआ है। माना जा रहा था कि कांग्रेस पटोले को टिकट देती तो एनसीपी का एक धड़ा उनका समर्थन नहीं करता। वर्ष 2014 में यहां नाना पटोले को 6 लाख 6 हजार 129 वोट यानी 50.6 प्रतिशत मिले थे। उन्होंने एनसीपी के दिग्गज नेता प्रफुल्न्ल पटेल को करीब डेढ़ लाख वोटों से हराया था।

लोकसभा सीट- नागालैंड

यहां पीडीए के तोखेयो येपथोमी तथा एनपीएफ के सीए अपोक जमीर के बीच मुकाबला है। ये सीट मौजूदा मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो के इस्तीफे के कारण रिक्त हुई। वे भाजपा के समर्थन वाले नगा पीपुल्स फ्रंट से हैं। इस सीट पर सिर्फ दो ही उम्मीदवार हैं। राज्य की यह इकलौती लोकसभा सीट है। इस सीट पर मुख्य मुकाबला कांग्रेस के समर्थन वाले पीपुल्स डेमोक्रेटिक अलायंस (पीडीए) और भाजपा के समर्थन वाले नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) के बीच है। तीन बार से इस सीट पर एनपीएफ को जीत मिली है। इससे पहले इस सीट पर कांग्रेस का कब्जा था।

विधानसभा उपचुनाव

जोकीहाट (बिहार), गोमिया और सिल्ली (झारखंड), चेंगन्नूर (केरल), पलूस कडेगांव (महाराष्ट्र), अंपाती (मेघालय), शाहकोट (पंजाब), थराली (उत्तराखंड), नूरपुर (उत्तर प्रदेश), महेश्ताला (पश्चिम बंगाल) विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हो रहे हैं।