बजट 2018 : देखिए खास-खास बातें

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फाइल फोटो

अभय इंडिया डेस्क.
केंन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की ओर से गुरुवार को लोकसभा में पेश किए गए आम बजट में गांव, किसान, स्वास्थ्य, रेलवे, टैक्स, रोजगार सहित कई खास मुद्दों पर बड़े ऐलान किए।

पेश बजट के अनुसार लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स 10 फीसदी देना होगा। शेयर खरीदने और बेचने पर यह टैक्स लगेगा। शिक्षा और स्वास्थ पर एक फीसदी सेस बढ़ा दिया गया है। सेस तीन से बढ़कर चार प्रतिशत हो गया है। कस्टम ड्यूटी भी बढ़ा दी गई है। मोबाइल और टेलीविज अब महंगे हो जाएंगे। सरकार ने आयकर की दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। इससे मध्यम वर्ग को कोई फायदा नहीं मिलेगा। आमदनी में से 40 हजार रुपये घटाकर लगेगा कर, यानी जितनी आमदनी है उसमें 40 हजार घटाकर कर लगेगा। 40 हजार रुपये तक स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलेगा। नौकरी पेशा को कोई छूट नहीं मिलेगी। डिपॉजिट पर मिलने वाली छूट 10 हजार से बढ़ाकर 50 हजार हुई। सीनियर सिटीजन को राहत दी गई है।
सरकार को 2017-18 में 5.95 लाख करोड़ का घाटा हुआ है। अभी जीडीपी का 3.5 प्रतिश्ता सरकारी घाटा काले धन के खिलाफ मुहिम का असर दिखा है। कर देने वाले 19.25 लाख बढ़े, डायरेक्ट टैक्स का कलेक्शन 12.6 फीसदी हुआ। आयकर कलेक्शन 90 हजार करोड़ बढ़ा है।
राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और राज्यपाल का वेतन बढ़ेगा। राष्ट्रपति का वेतन 5 लाख रुपये होगा और राज्यपाल का वेतन 3.5 लाख होगा। उपराष्ट्रपति का वेतन 4 लाख रुपये होगा।
जेटली ने कहा कि बिटक्वाइन जैसी करेंसी नहीं चलेगी। आधार से जरूरतमंद लोगों को फायदा मिला है। आधार से लोगों को जरूरी सेवाओं का लाभ मिला। 2 सरकारी बीमा कंपनियां शेयर बाजार में आएंगी। सरकारी कंपनियों के शेयर बेचकर 80 हजार करोड़ जुटाएंगे। नई नीति से सोना लाने और ले जाने में आसानी होगी।
रेलवे पर 1 लाख 48 हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी सरकार, 600 स्टेशन आधुनिक बनेंगे। एयरपोर्ट की संख्या पांच गुना करने की कोशिश है। अभी 124 एयरपोर्ट से फ्लाइट्स उड़ रही है। 3600 नई रेल लाइन बिछाने का लक्ष्य है। मुंबई में लोकल ट्रेन के लिए खास योजना बनायी जायेगी। एस्कलेटर और कैमरे लगाए जाएंगे।
धार्मिक पर्यटन शहरों के लिए हेरिटेज सिटी योजना बनेगी। स्मार्ट सिटी के लिए 99 शहरों को चुना गया। 100 स्मारकों को आदर्श बनाया जायेगा। सरकार ने 70 लाख नई नौकरियों का वादा किया 1200 करोड़ रुपये हेल्थ वेलनेस सेंटर के लिए दिए जाएंगे। जिसमें 10 करोड़ गरीब परिवार को 5 लाख रुपया सालाना दिया जायेगा। 50 करोड़ लोगों को हेल्थ बीमा मिलेगा। देश की 40 फीसदी आबादी को हेल्थ बीमा मिलेगा। 24 नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे। एक परिवार को एक साल में 5 लाख रुपये का इलाज कराने की सुविधा मिलेगी। टीबी मरीज को हर महीने 500 रुपये की मदद देंगे। 5 लाख स्वास्थ सेंटर खोले जाएंगे।
वित्त मंत्री जेटली ने कहा कि 1200 करोड़ रुपये हेल्थ सेक्टर के लिए रखे जाएंगे। इलाज न मिलने की वजह से किसी की जान नहीं जायेगी। सरकार शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा काम करेगी। प्री नर्सरी से 12वीं तक हम सबकों शिक्षा देंगे और इसमें एक ही नीति अपनाई जायेगी। साथ ही डिजिटल पढ़ाई को भी बढ़ावा दिया जायेगा। सभी बच्चों को स्कूल पहुंचाना हमारा लक्ष्य होगा। आदिवासियों के लिए एकलव्य स्कूल होगा। वडोदरा में रेलवे यूनिवर्सिटी बनायी जायेगी। दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए स्कीम लाई गयी। पराली से होने वाले धुंए से निपटने के लिए स्कीम बनायी गयी।
इस साल 2 करोड़ शौचालय बनाए जाएंगे, पीएम आवास योजना के तहत घर दिये जाएंगे, 2022 तक हर नागरिक को घर देंगे। 51 लाख नए घर बनाए जा रहे हैं। 8 करोड़ महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन दिये। 4 करोड़ घरों में सौभाग्या योजना के तहत बिजली दी। सभी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलेगा। समर्थन मूल्य को 1.5 गुना बढ़ाने का ऐलान किया गया। आलू, टमाटर और प्याज के लिए ऑपरेशन ग्रीन होगा जिसके लिए 500 करोड़ रुपये दिये जाएंगे। 42 मेगा फूड पार्क बनाए जाएंगे। 1290 करोड़ रुपयों से बांस मिशन चलाया जायेगा। बांस को वन क्षेत्र से अलग किया गया है।
गरीबों को मुफ्त डायलिसस की सुविधा मिल रही, पासपोर्ट 2-3 दिनों में मिल रहा। नया ग्रामीण बाजार ई-नैम बनाने का ऐलान किया। किसानों को लागत का डेढ़ गुना मिलेगा। खरीफ का समर्थन मूल्य उत्पादन लागत से डेढ़ गुना होगा। उन्होंने कहा कि 30 करोड़ टन फलों का उत्पादन हुआ। उन्होंने कहा कि 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करेंगे। सर्विस सेक्टर में 8 फीसदी की तरक्की मिली है। गरीबों को उज्जवला योजना के तहत लाभ दिया गया। हमारा जोर गांवों के विकास पर है। ईज ऑफ लिविंग पर जोर दिया जा रहा है। हम चाहते हैं कि लोगों के जीवन में सरकारी दखल कम हो।
बाजार में कैश का प्रचलन कम हो गया है। भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगी। हमारी अर्थव्यवस्था पटरी पर है।