कार्तिक के अलावा इन्होंने भी आखिरी गेंद पर लगाए थे छक्के

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dinesh karthik
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अभय इंडिया डेस्क. टीम इंडिया के आतिशी बल्लेबाज दिनेश कार्तिक ने त्रिकोणीय टी-20 सीरीज निदाहास ट्रॉफी के रोमांचक फाइनल मैच में बांग्लादेश के गेंदबाज सौम्य सरकार की आखिरी गेंद पर छक्का जडऩे का कीर्तिमान बनाकर टीम को ट्रॉफी दिला दी। इससे पहले भी कई ऐेस बल्लेबाज हुए हैं जिन्होंने आखिरी गेंद पर छक्के लगाए हैं। आइए, जानते हैं ऐसे कौन-कौन से खिलाड़ी हैं जिन्होंने यह कारनामा कर दिखाया।

मियांदाद का छक्का

भारत और पाकिस्तान के बीच 18 अप्रैल 1986 को एकदिवसीय ऑस्ट्रलेशिया कप का फाइनल मैच खेला गया था। इसकी आखिरी गेंद पर पाक को जीत के लिए चार रन चाहिए थे और उसका केवल एक विकेट ही शेष था। शारजाह में खेले गए इस मैच में जावेद मियांदाद ने चेतन चौहान की गेंद पर छक्का लगाकर पाकिस्तान को जीत दिला दी थी।

डिंडा की गेंद, मॉर्गन का छक्का

भारत और इंग्लैंड के मध्य 22 दिसंबर 2012 को खेले गए टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में इंग्लैंड को आखिरी गेंद पर तीन रनों की जरूरत थी। इयॉन मॉर्गन ने अशोक डिंडा की गेंद पर छक्का लगाकर अपनी टीम को जीत दिला दी। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए आठ विकेट पर 177 रनों का स्कोर बनाया था। इंग्लैंड ने 181/4 रन बनाकर मैच जीत लिया।

रंगना हेराथ की गेंद पर मैकलम का छक्का

न्यूजीलैंड के नेथन मैकलम ने 2013 में रंगना हेराथ की अंतिम गेंद पर छक्का जमाकर न्यूजीलैंड को जीत दिलाई थी। न्यूजीलैंड टीम को आखिरी गेंद पर सिर्फ एक रन की दरकार थी। नाथन ने इस मैच में 9 गेंदों में 32 रन ठोके थे।

लांस क्लूजनर का वो शानदार छक्का

यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के बीच 26 मार्च 1999 को एकदिवसीय मैच नेपियर में खेला गया। इसमें आखिरी ओवर में दक्षिण अफ्रीका को 11 रनों की जरूरत थी। पहली 5 गेंदों में लांस क्लूजनर और मार्क बाउचर ने बड़ी मुश्किल से पांच रन बनाए। अब आखिरी गेंद पर जीत के लिए चार रन की जरूरत थी। आखिरी गेंद पर क्लूजनर ने डिऑन नाश को छक्का जड़ते हुए दक्षिण अफ्रीका को जीत दिला दी।

टेलर का बल्ला, मुर्तबा की गेंद

हरारे स्पोर्ट्स क्लब में जिम्बाब्वे और बांग्लादेश के बीच 2006 में एक ऐसा ही मुकाबला हुआ। मैच के ओवर में जिम्बाब्वे को जीतने के लिए तीन गेंदों में 16 रनों की दरकार थी। ओवर मुर्तजा फेंक रहे थे। चौथी गेंद पर टेलर ने चौका जड़ दिया। पांचवीं गेंद पर टेलर ने छक्का लगाया। अब आखिरी गेंद पर छह रनों की दरकार थी। मैच के हीरो रहे ब्रेंडन टेलर ने अंतिम गेंद पर छक्का जड़कर जिम्बाब्वे को जीत दिला दी।

चंद्रपाल का शानदार छक्का

वेस्टइंडीज के दिग्गज बल्लेबाज शिवनारायण चंद्रपॉल भी इस कारनामे को दोहरा चुके हैं। उन्होंने 2008 में श्रीलंका के खिलाफ पोर्ट ऑफ स्पेन में यह कारनामा किया था। मैच की आखिरी गेंद पर वेस्टइंडीज को जीत के लिए 6 रन चाहिए थे। चंद्रपॉल ने चमिंडा वास को छक्का लगाकर मैच वेस्टइंडीज की झोली में डाल दिया था।